कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य विभाग में हड़कंप, जांच शुरू
कानपुर (उत्तर प्रदेश): महानगर के दादा नगर इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में एक फैक्ट्री संचालक की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। फैक्ट्री मालिक ने अपने यहां निर्मित एक्सपायरी टॉफी, चॉकलेट और बिस्किट को खुले में कचरे के ढेर में फेंक दिया। डिब्बों और पैकेटों में सुरक्षित पैकिंग देखकर स्थानीय लोगों ने इसे नया माल समझ लिया और भारी मात्रा में उठाकर अपने घरों को ले गए। विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, एक्सपायरी डेट का यह दूषित खाद्य पदार्थ बच्चों और वयस्कों की सेहत के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
📹 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: कचरे के ढेर से सामान बीनने की मची होड़
घटनाक्रम और वायरल वीडियो का विवरण:
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झाड़ियों में फेंका गया स्टॉक: सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि इंडस्ट्रियल एरिया के पास हाईवे किनारे झाड़ियों और कचरे के ढेर में भारी मात्रा में खाद्य सामग्री बिखरी पड़ी है।
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लूटने की होड़: सड़क किनारे पड़े टॉफी, बिस्किट और चॉकलेट के अंबार को देखकर राहगीरों और आसपास के लोगों में पैकेट बटोरने की होड़ मच गई।
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फैक्ट्री का माल: वीडियो बनाने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने स्पष्ट किया कि यह माल दादा नगर की किसी स्थानीय फैक्ट्री में तैयार किया गया था, जिसे अवधि समाप्त (Expire) होने के बाद गत्तों व डिब्बों में भरकर डंपिंग एरिया में फेंक दिया गया।
⚠️ खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिया संज्ञान: बच्चों को न खिलाने की सख्त अपील
प्रशासनिक कार्रवाई और मुख्य खाद्य अधिकारी का निर्देश:
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वीडियो की जांच शुरू: पनकी व दादा नगर डंपिंग एरिया के इस वीडियो का कानपुर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने त्वरित संज्ञान लिया है।
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फैक्ट्री मालिक की तलाश: कानपुर के मुख्य खाद्य अधिकारी ने बताया कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है और खुले में प्रतिबंधित एक्सपायरी माल फेंकने वाले फैक्ट्री संचालक की पहचान की जा रही है।
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अभिभावकों को चेतावनी: प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जो लोग अज्ञानतावश यह एक्सपायरी सामान अपने घरों में ले गए हैं, वे बच्चों को इसका सेवन बिल्कुल न करने दें।
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नियमों का उल्लंघन: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक्सपायरी खाद्य उत्पादों को खुले में डंप करने के बजाय विधिक प्रक्रिया के तहत वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (Destroy) किया जाना अनिवार्य है, ताकि जनस्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।