उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले नई आहट मिलने लगी
नईदिल्लीः आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने रविवार, 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्य कार्यालय पहुंचकर पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात की। यह उच्च-स्तरीय बैठक रविवार को दोपहर करीब 1 बजे सपा मुख्यालय में आयोजित की गई। आगामी वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई इस राजनीतिक मुलाकात को राज्य के राजनीतिक गलियारों में बेहद अहम और दूरगामी परिणामों वाला माना जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बैठक के दौरान दोनों दलों के शीर्ष नेताओं ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, शासन प्रणाली और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। राजनीतिक हलकों में इस बात की भी बेहद जोरदार चर्चा चल रही है कि इस गुप्त और महत्वपूर्ण बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच आगामी चुनावों के मद्देनजर एक मजबूत चुनावी गठबंधन तथा सीटों के आपसी बंटवारे की संभावनाओं पर भी गंभीर रूप से बातचीत हुई है। सूत्रों का यह भी दावा है कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 15 से 20 सीटों की मांग कर रही है। हालांकि, अब तक दोनों ही राजनीतिक दलों की तरफ से आधिकारिक रूप से गठबंधन या सीटों के बटवारे को लेकर कोई भी पुख्ता बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बैठक के तुरंत बाद, ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और राज्य की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ सरकार पर तीखे हमले किए। सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जौनपुर जिले में पांच ऐसे सरकारी स्कूल हैं जो कागजों पर केवल नाममात्र के हैं और मौके पर पूरी तरह से गायब तथा खाली हैं। उन्होंने राज्य के शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जो कोई भी इन पांच गायब स्कूलों में से कम से कम एक स्कूल का सही पता ढूंढकर दिखाएगा, उसे वे अपनी निजी सैलरी से 1 लाख रुपये का नगद इनाम देंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।