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कोलंबियाई न्यायालय का राष्ट्रपति पेट्रो के खिलाफ फैसला

सभी आपातकालीन कोष वापस लौटाने होंगे

एजेंसियां

बोगोटा: कोलंबिया की संवैधानिक अदालत ने बुधवार को राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के प्रशासन को एक बड़ा झटका देते हुए उन सभी फंडों को वापस करने का आदेश दिया है, जो एक आर्थिक आपातकाल के दौरान एकत्र किए गए थे। अदालत ने इस आर्थिक आपातकाल को असंवैधानिक घोषित कर दिया है, जिससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर गहरा संकट मंडराने लगा है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पेट्रो प्रशासन पहले से ही कांग्रेस में अपने राजकोषीय सुधार प्रस्तावों के विफल होने के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

अदालत ने जनवरी में घोषित उस आर्थिक आपातकाल को रद्द कर दिया था, जिसके माध्यम से सरकार ने चालू वर्ष के बजट के एक हिस्से को वित्तपोषित करने के लिए 11 ट्रिलियन पेसो (3.07 बिलियन डॉलर) जुटाने का लक्ष्य रखा था। कोलंबिया के राष्ट्रीय कर और सीमा शुल्क निदेशालय के एक अज्ञात सूत्र के अनुसार, इस आपातकालीन डिक्री के तहत सरकार अब तक लगभग 1.67 ट्रिलियन पेसो (467 मिलियन डॉलर) एकत्र कर चुकी थी। अब अदालत के आदेश के बाद सरकार को यह पूरी राशि करदाताओं को वापस करनी होगी।

आमतौर पर, जब अदालत पिछले आर्थिक आपातकालों को असंवैधानिक घोषित करती थी, तो वह फैसला पूर्वव्यापी नहीं होता था, यानी पहले से एकत्र किया गया धन वापस नहीं करना पड़ता था। लेकिन इस बार अदालत का कड़ा रुख पेट्रो सरकार के लिए एक गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय चुनौती बन गया है। आपातकाल के तहत लगाए गए कर आर्थिक आपातकाल कोलंबिया में एक ऐसी विशेष स्थिति है जो सरकार को कांग्रेस की पूर्व अनुमति के बिना डिक्री के माध्यम से निर्णय लेने की अनुमति देती है।

लैटिन अमेरिका की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर राजकोषीय घाटे से जूझ रही है। जून में सरकार ने राजकोषीय नियमों को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने 2025 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद के 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया था। इस वित्तीय खाई को पाटने के लिए, वित्त मंत्री जर्मन एविला ने पिछले सप्ताह ही घोषणा की है कि वह कांग्रेस में 16 ट्रिलियन पेसो (4.47 बिलियन डॉलर) का एक नया कर सुधार विधेयक पेश करेंगे। हालांकि, विधायी सत्र समाप्त होने में तीन महीने से भी कम समय बचा है, जिससे इस विधेयक का भविष्य अनिश्चित नजर आता है।