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सत्ता बदलते ही प्रशासनिक समीकरण बदले, कई दिग्गज अफसर केंद्र रवाना

बिहार में सम्राट युग के उदय से उलटफेर

  • श्रीधर चिरुवोलु की वापसी की चर्चा तेज

  • अब डीएम और एसपी रैंक में भी बदलाव

  • नीतीश के अफसर दिल्ली जाने में जुटे हैं

दीपक नौरंगी

पटनाः बिहार की सत्ता की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में आते ही राज्य की नौकरशाही में एक बड़े पैराडाइम शिफ्ट (वैचारिक परिवर्तन) की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही प्रशासनिक गलियारों में यह स्पष्ट संदेश चला गया है कि अब कार्यशैली और समीकरण, दोनों बदलने वाले हैं। दशकों से नीतीश कुमार के विश्वसनीय स्तंभ रहे अधिकारियों का एक साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना इस बात का पुख्ता संकेत है कि नई सरकार सचिवालय को पुराने प्रभाव से मुक्त कर, अपने विजन के अनुरूप ढालना चाहती है।

इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला नाम मुख्यमंत्री के बेहद करीबी रहे आईएएस अनुपम कुमार का है। अनुपम कुमार पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में वे इसी विभाग में सचिव के पद पर तैनात हैं। अनुपम कुमार और उनकी पत्नी प्रतिमा एस. वर्मा, दोनों की ही कार्यशैली काफी बेहतर मानी जाती है।

अब अनुपम कुमार को केंद्र में ऊर्जा मंत्रालय का संयुक्त सचिव बनाया गया है। उनके साथ उनकी पत्नी प्रतिमा एस. वर्मा का भी दिल्ली जाना यह दर्शाता है कि सत्ता के शीर्ष गलियारों में अब नए चेहरों की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि 2007 बैच के आईएएस संजय कुमार सिंह नई सरकार की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो प्रशासन और शासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे।

दूसरी तरफ, केंद्र से बिहार कैडर के कद्दावर अधिकारियों की वापसी की सुगबुगाहट ने आईएएस लॉबी में हलचल तेज कर दी है। विशेष रूप से 2001 बैच के श्रीधर चिरुवोलू, जो वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात हैं, उनके बिहार आने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि केंद्र के भरोसेमंद इन अधिकारियों को राज्य में बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर, नई सरकार कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग करना चाहती है, ताकि शासन में दिल्ली जैसा अनुशासन दिखे।

यह बदलाव केवल सचिवालय तक सीमित नहीं रहने वाला है। आईपीएस राकेश राठी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त करना पुलिस महकमे में भी ऊपर से नीचे तक बड़ी सर्जरी का संकेत है। आने वाले कुछ ही दिनों में बिहार के कई जिलों के डीएम और एसपी के स्तर पर व्यापक तबादलों की सूची आने की संभावना है। स्पष्ट है कि सम्राट चौधरी अपनी नई पारी की शुरुआत एक ऐसी टीम के साथ करना चाहते हैं, जो न केवल उनकी प्राथमिकताओं को समझे, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए नए और सख्त अंदाज में कार्य करे।