Sarai Kale Khan 2.0: सराय काले खां बनेगा दिल्ली का ‘मॉल वाला’ बस टर्मिनल, फ्लैट्स और टू-स्टोरी हब का मास्टरप्लान तैयार
Delhi News: दक्षिण दिल्ली स्थित सराय काले खां बस अड्डे के कायाकल्प की तैयारी पूरी हो चुकी है. दिल्ली परिवहन बुनियादी ढांचा विकास निगम (DTIDC) इस बस अड्डे को लगभग 31.86 एकड़ क्षेत्र में एक आधुनिक ‘मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में विकसित करने जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आगामी जुलाई महीने तक टेंडर जारी होने की उम्मीद है.
सराय काले खां वर्तमान में रेल, मेट्रो, नमो भारत (RRTS), ऑटो और टैक्सी सेवाओं का मुख्य जंक्शन है. हालांकि, मौजूदा व्यवस्थाओं में कमी और घनी आबादी के कारण यात्रियों को भारी अव्यवस्था और ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए यहाँ एक एकीकृत बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है.
कैसा होगा नया बस अड्डा?
ग्राउंड फ्लोर: यहां 78 बसों के खड़े होने की क्षमता होगी.
अपर ग्राउंड फ्लोर: यहां 77 बसों के लिए स्टैंड बनाया जाएगा.
पार्किंग व्यवस्था: कॉनकोर्स स्तर पर लगभग 1500 कारों की विशाल पार्किंग होगी, जिससे यात्री अपनी गाड़ी पार्क कर आसानी से अन्य सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकेंगे.
सिर्फ बस अड्डा नहीं, एक मिनी सिटी बनेगा
इस परियोजना का दायरा केवल परिवहन तक सीमित नहीं है. कुल 34.44 एकड़ में होने वाले इस विकास कार्य में यात्रियों के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और फूड कोर्ट होगी. सरकारी आवास और ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट्स का निर्माण होगा. बस अड्डे को रेलवे स्टेशन और नमो भारत स्टेशन से निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को पैदल न चलना पड़े.
| विवरण | आंकड़े |
| वर्तमान यात्री संख्या | 10,000 प्रतिदिन |
| अनुमानित यात्री (2053) | 25,000 प्रतिदिन |
| कुल लागत | ₹7613 करोड़ |
| कार पार्किंग क्षमता | 1500 गाड़ियां |
| बस क्षमता | 155 बसें (दो मंजिल मिलाकर) |
परियोजना की समयसीमा और लागत
सूत्रों के अनुसार, बस अड्डे की मुख्य इमारत को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है. जबकि पूरी परियोजना जिसमें कमर्शियल और रिहायशी हिस्से शामिल हैं. दिसंबर 2030 तक पूरी होगी. इस पूरी योजना पर करीब 7613 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डे को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है.