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युवा विधायक सम्मेलन: समृद्ध भारत का सपना देखने में गंवा दिए 66 साल; हरिवंश नारायण सिंह ने व्यवस्था पर उठाए सवाल।

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन का समापन हो गया. समापन कार्यक्रम में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा “दुनिया का यथार्थ समझ ले, यदि आज आप समृद्ध नहीं हैं तो आपका भविष्य नहीं है. चीन ने 1950 में तय कर लिया था कि अगले 100 साल बाद चीन कहां होगा, लेकिन समृद्ध भारत का समना देखने में हमने 66 साल खराब किए. यह हम सभी की विफलता थी.”

युवा विधायक तकनीक के साथ जुड़ें

समापन कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के अलावा, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल सहित युवा विधायक मौजूद थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि “समृद्ध भारत का सपना देखने के बाद देश में कई बदलाव हुए हैं. भारत कोरोना जैसे आपदा से बाहर निकल कर खड़ा हो गया. डिजिटल बैंकिंग को लेकर शुरूआत में सवाल खड़े होते थे, लेकिन आज 48 लाख करोड़ की जनधन की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है. 57 फीसदी एक्टिव यूजर्स ग्रामीण भारत में हैं. भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में भी तेज विकास संभव है. उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है. एआई के दौर में यदि तकनीक के साथ आप नहीं चले तो पीछे छूट जाएंगे.”

उधर, कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा सम्मेलन को लेकर सभी के सुझाव अच्छे थे और यदि सुझावों पर काम होंगे तो देश विकसित होने की तरफ बढ़ेगा. कांग्रेस विधायक नितेंन्द्र राठौर ने कहा कि यह सम्मेलन बहुत अच्छी शुरूआत है और यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए.

कार्यक्रम में शामिल हुए शिक्षाविद् राहुल कराड ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “एक्जीक्यूटिव बॉडी को चलाने वाले ब्यूरोक्रेट्स हैं इसलिए उसे बेहतर तरीके से चलाने के लिए राजनीतिक व्यक्तियों का पढ़ा-लिखा होना बहुत जरूरी है. सभी राजनीतिक दलों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे जाति को पीछे छोड़कर काम करें. कार्यक्रमों में कई बार जातियों वाले नाम के बड़े-बडे पोस्टर लगाए जाते हैं, इससे बचना चाहिए. राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर सभी राजनीतिक पार्टियों को एक होना चाहिए. वैसै 26/11 में बीजेपी का भी वही व्यवहार था, जो दूसरी घटनाओं में कांग्रेस का रहा है.”