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Ujjain Vikram Vyapar Mela 2026: उज्जैन व्यापार मेले ने रचा इतिहास, 41 हजार से ज्यादा वाहन बिके; सरकार को मिला ₹206 करोड़ का राजस्व।

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम महोत्सव के तहत आयोजित विक्रम व्यापार मेले का 29 मार्च को समापन हुआ. मेले के समापन के बाद जारी हुए सरकारी आंकड़े एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ साबित हुए. आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि मेले में 41 हजार 500 से अधिक वाहन बिके हैं. जिससे 206 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू शासन को प्राप्त हुआ है.

प्रदेश भर के लोगों ने उठाया लाभ

उज्जैन व्यापार मेला साल दर साल नए कीर्तिमान रच रहा है. 15 फरवरी को मेले की शुरुआत हुई थी. इस मेले का लाभ उज्जैन निवासी सहित पूरे प्रदेश वासियों को मिला है. यहां टू व्हीलर और फोर व्हीलर की लगभग सभी कंपनियां आई हुई थीं. सभी कंपनियों के वाहनों को आरटीओ में लगभग 50 प्रतिशत की छूट थी.

मेले अवधि के दौरान प्रदेशभर के सभी शहरों में जिन लोगों ने गाड़ी खरीदी थी, उन्हें भी आरटीओ से 50 प्रतिशत की छूट मिली. किसी भी शहर में गाड़ी खरीदी करने वालों को मेले में जाकर आरटीओ का लाभ लेने का अवसर प्रदान किया गया था. लेकिन आरटीओ छूट का लाभ सिर्फ मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए था.

साल दर साल नए कीर्तिमान स्थापित

आरटीओ अधिकारी संतोष मालवीय ने कहा, “मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन प्रशासन लगातार विक्रम व्यापार मेले में रिकॉर्ड तोड़ रहा है. ग्वालियर व्यापार मेले का हमने पहले ही साल में रिकॉर्ड तोड़ दिया था. अब खुद उज्जैन व्यापार मेला खुद के रिकॉर्ड हर साल तोड़ रहा है. साल 2024 में 22300 से अधिक वाहन बिके थे और 122 करोड़ रुपए का रेवेन्यू शासन को प्राप्त हुआ था. वहीं साल 2025 में 36700 से अधिक वाहन बिके थे और 186 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू शासन को प्राप्त हुआ था.”

41 हजार वाहनों की बिक्री

उन्होंने आगे बताया, “साल 2026 में तीसरा व्यापार मेला रहा. जहां लगभग 166 शोरूम मौजूद थे. 15 फरवरी 2026 से शुरू हुआ मेला 29 मार्च तक चला. जिसमें 41543 लगभग वाहन बिके हैं. जिससे शासन को 206 करोड़ का रेवेन्यू मिला है. इसमें अभी 5 से 10 करोड़ का रेवेन्यू और बढ़ेगा.”

528 करोड़ की राजस्व आय

आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया, “बीते 3 सालों में 1 लाख 5 हजार से अधिक वाहन व्यापार मेले से बिके हैं. जिससे सरकार को लगभग 528 करोड़ की राजस्व आय हुई है. इस बार भी आमजन को विशेष छूट दी गई. उज्जैन का व्यापार मेला सिर्फ उज्जैन ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में मेले का लाभ दे रहा था.”

धोखाधड़ी करने की कोशिश नाकाम

मध्य प्रदेश में मेले का लाभ देने का उद्देश्य लोगों को सुविधाएं देना है, लेकिन इस लाभ का धोखाधड़ी कर कुछ लोगो ने फायदा उठाने की कोशिश कि उसे हमने नाकाम किया. गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, मध्य प्रदेश का कोई भी वाहन विक्रेता जरूरी दस्तावेज के साथ ही वाहन दे सकता था. जैसे व्यापार प्रमाण पत्र खुद का और उज्जैन व्यापार मेले का होना जरूरी था. लेटर इंटेंट और अन्य दस्तावेज का होना भी अनिवार्य किया गया था.

कई नामी कंपनियों की गाड़ी मेले में खरीदी गईं, जिसकी कीमत 1 करोड़ से 3.5 करोड़ तक थी. ईवी वाहनों में 100 प्रतिशत आरटीओ छूट दी गई थी. 20 लाख से कम कीमत के वाहनों में टैक्स छूट थी. 20 लाख से अधिक में 2 प्रतिशत टैक्स सरकार को मिला और 2 प्रतिशत छूट जनता को दी गई.