Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ... Hoshiarpur Borewell Rescue: होशियारपुर में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 3 साल का मासूम, रेस्क्यू ऑपर... Latehar News: लातेहार में आसमानी बिजली का कहर, वज्रपात से दो की मौत, एक महिला गंभीर रूप से घायल Jamtara News: आदिवासी संस्कृति की पहचान हैं ये पारंपरिक वाद्य यंत्र, सरकार दे रही है मुफ्त नगाड़ा और... Deoghar Petrol Crisis: देवघर में गहराया ईंधन संकट, पंपों पर लटके 'नो स्टॉक' के बोर्ड; ₹300 तक पहुंचा... Jharkhand Treasury Scam: ट्रेजरी घोटाले की जांच CBI को सौंपने की मांग, बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिख... झारखंड न्यूज़: नीट परीक्षा धांधली पर भड़का झामुमो, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर... मोदी सरकार की गलती की कीमत चुका रही है जनता नागा और कुकी समुदायों के 28 बंधक रिहा देश में इस बार समय से पहले दस्तक देगा मॉनसून

यमन से हूती विद्रोहियों का इजरायल पर हमला

चेतावनी के बाद अब एक और ईरान समर्थक युद्ध में कूदा

  • बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया

  • दक्षिण इजरायल के इलाके में आग लगी

  • सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया

सनाः ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार सुबह दक्षिणी इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की घोषणा कर दी है। ईरान के साथ जारी युद्ध की शुरुआत के बाद से इस समूह द्वारा किया गया यह पहला बड़ा आक्रामक हमला है। इस हमले के बाद इज़राइल के बीरशेबा और आसपास के इलाकों में हवाई हमले के सायरन गूंज उठे।

हूतियों ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनके प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार के साथ संवेदनशील इज़राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, इज़राइल रक्षा बल ने पुष्टि की है कि यमन की ओर से दागी गई एक मिसाइल को उनके हवाई रक्षा तंत्र ने सफलतापूर्वक मार गिराया।

हूतियों के इस कदम से मध्य पूर्व में एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव की आशंका बढ़ गई है। लेबनान और इराक के शिया गुट पहले ही तेहरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमलों के बाद युद्ध में शामिल हो चुके हैं, लेकिन हूतियों ने अब तक अपनी सीधी भागीदारी की घोषणा नहीं की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों की भागीदारी से अरब प्रायद्वीप के आसपास के समुद्री व्यापारिक मार्ग और भी असुरक्षित हो सकते हैं।

अपने संबोधन में याह्या सारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हूती लाल सागर का उपयोग ईरान या किसी भी मुस्लिम देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण अभियानों के लिए नहीं होने देंगे। उन्होंने इसे प्रतिरोध के अक्ष के खिलाफ बढ़ता तनाव बताया और कहा कि यदि हमले जारी रहे, तो वे और भी सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

हूतियों ने मांग की है कि ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर अमेरिकी व इज़राइली हमले तुरंत रोके जाएं और गाजा युद्धविराम समझौते को तत्काल लागू किया जाए। इस हस्तक्षेप ने अब युद्ध के भौगोलिक दायरे को लाल सागर से लेकर इज़राइल की दक्षिणी सीमाओं तक फैला दिया है।