Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
महाराष्ट्र में 28 अगस्त से लागू होगा धर्म स्वतंत्रता कानून 2026: जबरन धर्मांतरण पर 7 साल जेल, बच्चे ... अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री का फूटा गुस्सा, बताया सबसे बड़ा कलंक श्रीनगर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर: पर्यटन और बागवानी में साझेदारी बढ... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बुजुर्ग माता-पिता बच्चों को कर सकते हैं संपत्ति से बेदखल, हाईकोर्ट का आ... धीरेंद्र शास्त्री का Gen-Z पर बड़ा बयान: न रुकती है न झुकती है ये पीढ़ी; तेज गति के साथ सही दिशा भी ... टिकरी कलां में CNG पंप पर गैस रीफिलिंग के दौरान भीषण धमाका, 3 लोगों की मौत पंजाब पुलिस में महिलाओं का मुख्यधारा में समावेश: फिल्लौर में प्रशिक्षण का तीसरा चरण शुरू, DGP ने लॉन... पंजाब के सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, जानें आज के भाव अमृतसर में अवैध माइनिंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन: अजनाला में रेत से भरे 4 टिप्पर जब्त, दस्तावेजों की ज... जालंधर में मिठाई की दुकान में सेंधमारी: शटर तोड़कर तिजोरी से उड़ाई नकदी, फॉरेंसिक टीम और पुलिस जांच ...

भारतीय रुपया अब 95 के करीब पहुंचा

वैश्विक बाजार में अस्थिरता का माहौल और बिगड़ा

  • विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना जारी

  • स्टॉक एक्सचेंज और निफ्टी पर असर

  • पतन के आगे जारी रहने का आशंका

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन दोहरी मार लेकर आया। एक ओर जहाँ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब पहुँचते हुए 95 रुपये के स्तर को छूने की कगार पर है, वहीं दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को भीषण बिकवाली देखी गई। लगातार दो दिनों की बढ़त के बाद सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार धड़ाम से गिर गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर ईरान-इज़राइल युद्ध) के कारण रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। डॉलर का मूल्य 95 रुपये के करीब पहुँचने से भारत के आयात बिल में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में डॉलर का महंगा होना सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और अंततः महंगाई को प्रभावित करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि रुपया इसी गति से गिरता रहा, तो चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा।

सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार में गिरावट नहीं, बल्कि एक बड़ी क्रैश जैसी स्थिति देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचक अंक 1690.23 अंक की भारी गिरावट के साथ 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 486.85 अंक टूटकर 22,819.60 के स्तर पर आ गया।

बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। इस एक दिन की गिरावट में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8.86 लाख करोड़ रुपये घट गया। यानी निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी सेंध लग गई।

बाजार के जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के मनोबल को तोड़ दिया है। बैंकिंग, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता, तो बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।