Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के मुद्दे पर NDA का बड़ा ऐलान, विपक्ष के खिलाफ कल देशभर में होग... Sabarimala Case: आस्था या संविधान? सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच के सामने तीखी बहस, 'अंतरात्मा की... Rahul Gandhi Case: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने द... Singrauli Bank Robbery: सिंगरौली में यूनियन बैंक से 20 लाख की डकैती, 15 मिनट में कैश और गोल्ड लेकर फ... Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी किया... Jhansi Viral Video: झांसी के ATM में घुस गया घोड़ा! गेट बंद होने पर मचाया जमकर बवाल; वीडियो हुआ वायर... Amit Shah in Lok Sabha: 'कांग्रेस ही OBC की सबसे बड़ी विरोधी', महिला आरक्षण पर अमित शाह ने विपक्ष को... Women Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल गिरा, विपक्ष ने कहा- 'बीजेपी... Haryana Revenue: अब राजस्व संबंधी शिकायतों का 48 घंटे में होगा समाधान, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई स... Gurugram News: अवैध पेड़ कटाई पर NGT का बड़ा एक्शन, हरियाणा सरकार को 4 हफ्ते का अल्टीमेटम; रिपोर्ट न...

भारतीय रुपया अब 95 के करीब पहुंचा

वैश्विक बाजार में अस्थिरता का माहौल और बिगड़ा

  • विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना जारी

  • स्टॉक एक्सचेंज और निफ्टी पर असर

  • पतन के आगे जारी रहने का आशंका

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन दोहरी मार लेकर आया। एक ओर जहाँ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब पहुँचते हुए 95 रुपये के स्तर को छूने की कगार पर है, वहीं दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को भीषण बिकवाली देखी गई। लगातार दो दिनों की बढ़त के बाद सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार धड़ाम से गिर गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर ईरान-इज़राइल युद्ध) के कारण रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। डॉलर का मूल्य 95 रुपये के करीब पहुँचने से भारत के आयात बिल में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में डॉलर का महंगा होना सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और अंततः महंगाई को प्रभावित करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि रुपया इसी गति से गिरता रहा, तो चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा।

सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार में गिरावट नहीं, बल्कि एक बड़ी क्रैश जैसी स्थिति देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचक अंक 1690.23 अंक की भारी गिरावट के साथ 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 486.85 अंक टूटकर 22,819.60 के स्तर पर आ गया।

बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। इस एक दिन की गिरावट में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8.86 लाख करोड़ रुपये घट गया। यानी निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी सेंध लग गई।

बाजार के जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के मनोबल को तोड़ दिया है। बैंकिंग, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता, तो बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।