Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jabalpur News: पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी; गोरखपुर थाने में... Supreme Court on Kerala Elephant: केरल के सबसे ऊंचे हाथी 'रमन' की कस्टडी पर SC का बड़ा आदेश; व्यावसा... Faridabad News: खुले में कूड़ा फेंका तो लगेगा 50 हजार का जुर्माना; नगर निगम फरीदाबाद का बड़ा एक्शन Rajasamand News: प्री-वेडिंग फोटोशूट के दौरान बड़ा हादसा; कुंड में डूबने से युवक की मौत, मंगेतर के सा... Vaibhav Sooryavanshi Batting: अफगानिस्तान ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का तूफान; 200 की स्ट्राइक रेट से... Welcome to the Jungle Trailer: अक्षय कुमार की फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर खर्च हुए 1.5 करोड़; जानें क्यो... Mahendra Makhijani Arrested: अमेरिका में भारतीय मूल के महेंद्र माखीजानी 955 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी क... Ethanol Blending News: पेट्रोल होगा सस्ता! E22-E30 फ्यूल पर सरकार ने खत्म की एक्साइज ड्यूटी, जानें क... WhatsApp Support Ending: जल्द इन पुराने iPhone और Android फोन पर बंद हो जाएगा WhatsApp; जानें क्या ह... Parama Ekadashi 2026: आज है परमा एकादशी; भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लगाएं इन खास चीजों का भ...

यमन से हूती विद्रोहियों का इजरायल पर हमला

चेतावनी के बाद अब एक और ईरान समर्थक युद्ध में कूदा

  • बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया

  • दक्षिण इजरायल के इलाके में आग लगी

  • सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया

सनाः ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार सुबह दक्षिणी इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की घोषणा कर दी है। ईरान के साथ जारी युद्ध की शुरुआत के बाद से इस समूह द्वारा किया गया यह पहला बड़ा आक्रामक हमला है। इस हमले के बाद इज़राइल के बीरशेबा और आसपास के इलाकों में हवाई हमले के सायरन गूंज उठे।

हूतियों ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनके प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार के साथ संवेदनशील इज़राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, इज़राइल रक्षा बल ने पुष्टि की है कि यमन की ओर से दागी गई एक मिसाइल को उनके हवाई रक्षा तंत्र ने सफलतापूर्वक मार गिराया।

हूतियों के इस कदम से मध्य पूर्व में एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव की आशंका बढ़ गई है। लेबनान और इराक के शिया गुट पहले ही तेहरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमलों के बाद युद्ध में शामिल हो चुके हैं, लेकिन हूतियों ने अब तक अपनी सीधी भागीदारी की घोषणा नहीं की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों की भागीदारी से अरब प्रायद्वीप के आसपास के समुद्री व्यापारिक मार्ग और भी असुरक्षित हो सकते हैं।

अपने संबोधन में याह्या सारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हूती लाल सागर का उपयोग ईरान या किसी भी मुस्लिम देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण अभियानों के लिए नहीं होने देंगे। उन्होंने इसे प्रतिरोध के अक्ष के खिलाफ बढ़ता तनाव बताया और कहा कि यदि हमले जारी रहे, तो वे और भी सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

हूतियों ने मांग की है कि ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर अमेरिकी व इज़राइली हमले तुरंत रोके जाएं और गाजा युद्धविराम समझौते को तत्काल लागू किया जाए। इस हस्तक्षेप ने अब युद्ध के भौगोलिक दायरे को लाल सागर से लेकर इज़राइल की दक्षिणी सीमाओं तक फैला दिया है।