अमेरिकी युद्धविराम की चर्चा के बाद इजरायल का हमला जारी
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जहाजों की घेराबंदी की जिम्मेदारी थी
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कई इजरायली हमलों में बच चुके थे
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सबसे अनुभवी सेनापतियों में से एक
जेरूशलमःमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इजरायली मीडिया ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी एक संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमले में मारे गए हैं। यह हमला बंदर अब्बास के तटीय क्षेत्र में किया गया बताया जा रहा है।
यदि इस खबर की पुष्टि होती है, तो यह चार सप्ताह से जारी इस युद्ध में अब तक की सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल मौतों में से एक होगी। कमांडर तंगसिरी वर्ष 2018 से ईरानी नौसेना की कमान संभाल रहे थे और उन्हें ईरान के सबसे अनुभवी सैन्य रणनीतिकारों में गिना जाता था। वे उन गिने-चुने शीर्ष सैन्य अधिकारियों में से एक थे जो अब तक अमेरिका और इजरायल के कई लक्षित हमलों से बचने में सफल रहे थे।
तंगसिरी की भूमिका विशेष रूप से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी को लेकर चर्चा में थी। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामान्य परिस्थितियों में, दुनिया के कुल व्यापारिक तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है।
वर्तमान संघर्ष के दौरान, ईरान ने इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया था। ईरान उन जहाजों को रोकने की नीति अपना रहा था जिन्हें वह अमेरिका या इजरायल के युद्ध प्रयासों से जुड़ा हुआ मानता था, जबकि अन्य कुछ जहाजों को सीमित मात्रा में आवाजाही की अनुमति दी जा रही थी। तंगसिरी इस पूरी सैन्य घेराबंदी और स्ट्रैंगलहोल्ड (गला घोंटने जैसी पकड़) रणनीति के मुख्य सूत्रधार माने जाते थे।
फिलहाल, इस हमले को लेकर ईरान की सरकार या इजरायली सेना की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। हालांकि, इजरायली मीडिया और टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्टों ने वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस घटना से खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है, क्योंकि तंगसिरी की मौत ईरान के लिए एक बड़ा सैन्य और मनोवैज्ञानिक झटका साबित हो सकती है।