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पहलगाम हमले में पाकिस्तानी सांठगांठ का एक और सबूत

वहां मिला फोन पाकिस्तान के बैंक के कर्ज पर था

  • फिर से फैसल बैंक का नाम आया

  • हमला से पहले यह चालू नहीं था

  • फोन का सारा इतिहास सामने आया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः एक रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए आतंकवादियों से बरामद एक मोबाइल फोन का संबंध पाकिस्तान में आयातित एक खेप से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि इस मोबाइल फोन के आयात के लिए फैसल बैंक द्वारा फाइनेंस किया गया था, जो पहले भी आतंकवाद से जुड़ी जांचों में चर्चा में रह चुका है।

एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि हमले में इस्तेमाल किए गए दो शाओमी हैंडसेट में से एक, रेडमी 9टी 2021 में कराची स्थित टेक सीरत प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पाकिस्तान में आयात किया गया था। आयात दस्तावेजों के अनुसार, इस खेप का वित्तपोषण फैसल बैंक ने किया था और डिलीवरी का पता बैंक का आधिकारिक मुख्यालय (कराची) था। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह फोन उसी खेप का हिस्सा था, जिसे तस्करी के जरिए लश्कर-ए-तैयबा तक पहुँचाया गया। दिलचस्प बात यह है कि 2021 से लेकर पहलगाम हमले से ठीक पहले तक यह फोन कभी चालू नहीं किया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि इसे विशेष रूप से आतंकी गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा फोन रेडमी नोट 12 था, जिसे 2023 में लाहौर की एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा आयात किया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि आतंकवादियों ने इन फोनों का उपयोग आम सेलुलर नेटवर्क के बजाय लंबी दूरी के रेडियो संचार प्रणालियों के साथ मिलकर किया था। फोन की फॉरेंसिक जांच से पहलगाम के बैसारन मीडोज इलाके की तस्वीरें और नक्शे बरामद हुए हैं, जिनमें 30 मार्च 2025 को आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए तंबू की तस्वीर भी शामिल है।

फैसल बैंक का नाम पहले भी 9/11 हमलों से जुड़ी जांचों में आया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया था कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों ने इस बैंक में खाते रखे थे, हालांकि बैंक ने समय-समय पर इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि प्रतिबंध लगने के बाद ऐसे खाते फ्रीज कर दिए गए थे। यह जांच स्पष्ट करती है कि आतंकी संगठन किस प्रकार से बैंकिंग और आयात चैनलों का दुरुपयोग कर अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।