वर्तमान डीजीपी को मिलेगी अलग जिम्मेदारी
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चर्चा में प्रीता वर्मा के बाद श्रीनिवासन
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एजीपी पद से डीजीपी का आकलन सही
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विनय कुमार को तीन साल की जिम्मेदारी
दीपक नौरंगी
पटनाः बिहार पुलिस के शीर्ष पद यानी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वर्तमान डीजीपी विनय कुमार के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच, कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आए हैं। हालाँकि, अंतिम निर्णय राज्य और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं के आधार पर ही लिया जाएगा।
इस दौड़ में 1991 बैच की अधिकारी प्रीता वर्मा का नाम शामिल है, जो अपने प्रशासनिक अनुभव के कारण चर्चा में हैं। वहीं, 1992 बैच के भृगु श्रीनिवासन, जो अपनी कड़क कार्यशैली और व्यापक अनुभव के लिए जाने जाते हैं, भी एक मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। 1993 बैच से जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जो अपनी सक्रिय भूमिकाओं और कार्यशैली के लिए चर्चित हैं।
इन सबमें 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पटना एसएसपी, आईजी और एडीजी मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके कृष्णन को कानून-व्यवस्था प्रबंधन और सरकार के साथ बेहतर समन्वय का अनुभव है। साथ ही इसी बैच के अनुपमा नीलेकर, अमित कुमार, निर्मल कुमार आजाद और परेश सक्सेना भी रेस में हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस महकमे में बड़े प्रशासनिक फेरबदल हो सकते हैं। वर्तमान डीजीपी विनय कुमार के संबंध में भी चर्चाएं हैं कि उन्हें दिसंबर में सेवानिवृत्ति से पूर्व किसी अन्य महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नए डीजीपी की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि यह राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस सुधारों की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निर्णय होगा। फिलहाल, सरकार की ओर से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे सभी कयास केवल चर्चाओं का विषय बने हुए हैं। फिलहाल सबकी निगाहें राज्य सरकार के आगामी फैसलों पर टिकी हैं, जो बिहार पुलिस के नए मुखिया का नाम तय करेंगे।