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बृजेंद्र सिंह का सियासी ‘सद्भाव’ या भविष्य का दांव? पहले अपनों पर तंज, अब बचाव; जानें हरियाणा राजनीति में क्या गुल खिला रहा यह ‘यू-टर्न’

टोहाना: पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भाव यात्रा’ टोहाना विधानसभा के अंतिम गांव नन्हेड़ी से होते हुए अब रतिया में प्रवेश कर गई है। लेकिन यात्रा के इस पड़ाव पर सबसे ज्यादा चर्चा बृजेंद्र सिंह के उस ‘डैमेज कंट्रोल’ की रही, जो उन्होंने टोहाना विधायक परमवीर सिंह के राज्यसभा चुनाव में रद्द हुए वोट को लेकर किया।

सद्भाव यात्रा जब टोहाना के गांव समैन से शुरू हुई थी, तब बृजेंद्र सिंह ने राज्यसभा चुनाव में वोट रद्द होने वाले कांग्रेसी विधायकों की ‘नीयत’ पर सवाल उठाए थे। दिलचस्प बात यह थी कि उस समय विधायक परमवीर सिंह के भतीजे और युवा जिलाध्यक्ष संजय ने ही यात्रा का भव्य स्वागत किया था।

अपने पुराने बयान पर सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद, यात्रा के अंतिम चरण में बृजेंद्र सिंह बैकफुट पर नजर आए और उन्होंने बिना नाम लिए दिए गए अपने ही तंज को ढंकने की कोशिश की।

बृजेंद्र सिंह ने अब सीधा निशाना बीजेपी पर साधते हुए कहा कि सरकार ने संख्या बल (9 वोट) पूरा करने के लिए साजिश के तहत विधायकों की वोट रद्द करवाई। उन्होंने कहा कि तीन विधायकों की वोट में शायद निशान की कमी रही हो, लेकिन परमवीर सिंह की वोट तो महज इसलिए काट दी गई कि पर्चा सही से फोल्ड नहीं था। क्या यह भी कोई वोट काटने का कारण है? असल में बीजेपी को अपनी जीत सुनिश्चित करनी थी।”

बृजेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी का प्लान 5 वोट खरीदने और 4 कटवाने का था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनके अपने विधायक की वोट भी रद्द हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमवीर सिंह की वोट का कटना उनकी गलती नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष की शिकायत पर की गई एक सोची-समझी कार्रवाई थी।