हजारीबाग: इन दिनों हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो में हाथियों का आतंक इतना ज्यादा है कि कई गांववाले डर के साए में जी रहे हैं. इलाके में पांच हाथियों के झुंड ने आतंक फैला रखा है. पांच हाथियों में से एक मादा है, जो बहुत आक्रामक है.
कहा जा रहा है कि यह मादा हाथी इंसानों को निशाना बना रही है. इन हाथियों ने हाल ही में हजारीबाग में सात लोगों की जान ले ली है. तीन मादा, एक नर और एक टस्कर हाथी वाला यह झुंड कई दिनों से हजारीबाग और रामगढ़ के इलाकों में सक्रिय हैं. हजारीबाग वन विभाग की टीम मादा हाथी को काबू में करने की तैयारी कर रही है. डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने बताया कि हाथी को नियंत्रित करने की तैयारी चल रही है. हाथी को ट्रेंकुलाइज किया जाएगा.
हाथी को नियंत्रित करने के लिए एक क्यूआरटी भी बुलाई गई है. ओडिशा से एक टीम हजारीबाग पहुंच रही है, जिसमें एक पैदल दस्ता भी शामिल है, जो हाथियों को खदेड़कर उन्हें वास्तविक क्षेत्र में ले जाएगा. यह टीम हाथियों को भगाने के कामों के लिए देश भर में जानी जाती है. जब भी इलाके में हाथी सक्रिय होते हैं, तो उन्हें बुलाया जाता है. यह वन विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है.
झारखंड सरकार और वन विभाग ने हाथी ऐप बनाया है, जो हाथियों की लोकेशन के बारे में जानकारी देगा और लोगों को उनके संभावित रिलोकेशन के बारे में अलर्ट करेगा. इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने कहा कि हाथी ऐप जंगली हाथियों के मूवमेंट के बारे में जानकारी देगा. इस ऐप का इस्तेमाल 20 किलोमीटर के दायरे में हाथियों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है, और हाथी के हमले से पहले गांव वालों को अलर्ट किया जा सकता है. इससे जान-माल के नुकसान का खतरा कम होगा.
हालांकि, हाथियों के खतरे को देखते हुए, सतर्क रहना बहुत जरूरी है. गांव वालों को हाथियों से खुद को बचाने के लिए ऊंची इमारतों में रहना चाहिए. जब हाथी पास आएं तो सुरक्षित दूरी बनाए रखें. सबसे जरूरी बात यह है कि हाथी ऐप हाथियों की सुरक्षा के लिए एक पावरफ़ुल टूल है और हर गांव वाले को इसका इस्तेमाल करना चाहिए.