Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता... UN Report on India GDP: संयुक्त राष्ट्र ने भी माना भारत का लोहा, 2026 में दुनिया में सबसे तेज होगी भ... Jio Hotstar Plan: जियो का धमाका! ₹149 में 90 दिनों के लिए Disney+ Hotstar और डेटा, क्रिकेट लवर्स के ... Adi Shankaracharya Jayanti 2026: आदि गुरु शंकराचार्य के वो 5 आध्यात्मिक संदेश, जो आज भी दिखाते हैं ज... Summer Health Tips: किचन के ये 5 ठंडी तासीर वाले मसाले शरीर को रखेंगे कूल, जानें इस्तेमाल का सही तरी...

डोनाल्ड ट्रंप से अपने रिश्ते सुधारने की कोशिशों में नेतन्याहू

चुनावी आहट में मजबूत ढाल की तलाश है उनकी

वाशिंगटनः इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले बुधवार को ओवल ऑफिस में हुई बैठक की केवल एक तस्वीर सार्वजनिक की गई: दोनों नेताओं का हाथ मिलाते हुए एक फ्रेम। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस तस्वीर के अलावा वहां न कोई रिपोर्टर था, न कोई औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और न ही सवालों का कोई सिलसिला। लेकिन इस सादगी और गोपनीयता ने उस बैठक की गंभीरता को और बढ़ा दिया, जिसे नेतन्याहू के विशेष अनुरोध पर एक सप्ताह पहले आयोजित किया गया था।

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप तेहरान के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला रखे हुए हैं। ट्रंप ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर केवल इतना कहा कि वार्ता जारी रहनी चाहिए। इसके विपरीत, नेतन्याहू लंबे समय से ईरान के साथ किसी भी परमाणु समझौते के कट्टर विरोधी रहे हैं।

नेतन्याहू ने वाशिंगटन से रवाना होने से पहले स्वीकार किया कि उन्होंने ट्रंप के सामने अपनी शंकाएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं छिपाऊंगा कि मैंने ईरान के साथ किसी भी समझौते की गुणवत्ता को लेकर अपनी सामान्य संशयवादिता व्यक्त की है। नेतन्याहू का तर्क है कि कोई भी भविष्य का समझौता न केवल परमाणु कार्यक्रम, बल्कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और उसके क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क (जैसे हिजबुल्लाह और हमास) को भी नियंत्रित करने वाला होना चाहिए।

घरेलू राजनीति और २०२६ का बजट संकट इजरायल में अक्टूबर २०२६ में चुनाव होने हैं, लेकिन नेतन्याहू की सरकार के सामने अस्तित्व का संकट बहुत पहले ही आ सकता है। इजरायली कानून के अनुसार, सरकार को ३१ मार्च २०२६ तक राज्य का बजट पारित करना अनिवार्य है। यदि बजट पारित नहीं होता है, तो संसद (नेसेट) स्वतः भंग हो जाएगी और ९० दिनों के भीतर, यानी जून के आसपास चुनाव कराने पड़ेंगे।

नेतन्याहू के गठबंधन के प्रमुख सहयोगी, कट्टरपंथी रूढ़िवादी दल, बजट के बदले सैन्य सेवा से अपनी छूट को कानूनी रूप देने की मांग कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट के दबाव के बीच, यह मुद्दा गठबंधन को तोड़ने की क्षमता रखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू ट्रंप के साथ अपनी करीबी को एक सुपरपावर के रूप में पेश कर रहे हैं ताकि घरेलू स्तर पर अपनी गिरती लोकप्रियता को संभाल सकें।

इजरायल प्राइज और चुनावी दांव नेतन्याहू ने ट्रंप को मई 2026 में इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में इजरायल प्राइज प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया है। यह पहली बार होगा जब किसी गैर-इजरायली को यह सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा। रणनीतिकारों का मानना है कि यदि ट्रंप इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं, तो नेतन्याहू यरूशलेम में ट्रंप के साथ अपनी तस्वीरों का उपयोग चुनाव प्रचार के चरम के रूप में करेंगे। उनके समर्थकों का मानना है कि नेतन्याहू यह संदेश देना चाहते हैं कि वैश्विक मंच पर केवल वही इजरायल के हितों की रक्षा कर सकते हैं।