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सऊदी अरब में भारतीय की मौत पर बवाल: परिजनों का आरोप- ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ पर नहीं किए साइन

गिरिडीह: पिछले वर्ष सऊदी अरब में गोली लगने से मारे गए डुमरी प्रखंड अंतर्गत दुधपनिया निवासी विजय कुमार महतो की लाश झारखंड पहुंच चुकी है. लाश आने के बाद परिजनों ने शव लेने से इंकार के दिया है. परिजनों ने इंसाफ की मांग को लेकर डुमरी अनुमंडल कार्यालय के बाहर धरना करने का निर्णय लिया है. परिजनों का आरोप है कि उनके द्वारा पावर ऑफ अटॉर्नी में साइन नहीं किया गया है. परिजन स्थानीय थानेदार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

मृतक विजय कुमार महतो के पिता सूर्य नारायण महतो कहते हैं कि मौत की सूचना के बाद उनके व उनके घरवालों द्वारा इंसाफ की गुहार लगायी गई थी. चूंकि मृतक के दो बच्चे हैं और घटना के बाद से उनका जीवन अधर में आ गया है. उनकी उम्र भी ढल चुकी है. ऐसे में पूरा परिवार का जीवन संकट में है. ऐसे में न मुआवजा की बात हुई और न ही इंसाफ दिलवाने की. इस बीच शनिवार को यह खबर आयी कि उसके दिवंगत पुत्र विजय की लाश रांची आ गई है.

परिजन कर रहे हैं मुआवजे की मांग

सूर्य नारायण कहते हैं कि उनके व उनके परिवार पर घटना के बाद से ही लाश लाने के लिए एनओसी मांगा जा रहा था. बार-बार पावर ऑफ अटॉर्नी के लिए दबाव बनाया जा रहा था. सवाल है कि सूर्य या घर के सदस्यों द्वारा पावर ऑफ अटॉर्नी दिया ही नहीं गया तो शव कैसे भारत आया. वहीं मृतक की पत्नी बसंती देवी ने कहा कि उसके पास चौकीदार विवेक कुमार और एक अन्य व्यक्ति आया था. उससे सफेद कागज में हस्ताक्षर लिया गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अलग से पावर ऑफ अटॉर्नी बनाया है. यह भी कहा कि पहले मुआवजा की बात हो, तब आगे कोई फैसला होगा.

सभी आरोप गलत है. पावर ऑफ अटॉर्नी पर मृतक की पत्नी ने खुद ही हस्ताक्षर किए हैं और इसका गवाह भी है. पता नहीं किस वजह से इस तरह का आरोप लगाया जा रहा है:- प्रणित पटेल, थाना प्रभारी, डुमरी

क्या कहती है पुलिस

इधर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार ने कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस पूरी तरह से मृतक के परिजनों के साथ खड़ी रही. परिजनों को हर वक्त मदद करने का प्रयास किया गया. रही बात पावर ऑफ अटॉर्नी की तो इसमें उसकी पत्नी बसंती देवी का हस्ताक्षर है. एसडीपीओ ने कहा कि शव रांची आ चुका है. उन्होंने कहा कि जो भी परिजनों का निर्णय रहेगा पुलिस उनका सहयोग करेगी.