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झारखंड में सावन के साथ मौसम ने बदली करवट, 40 से 50 km/h की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं; वज्रपात का अलर्ट

रांची (झारखंड): सावन माह की शुरुआत के साथ ही झारखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है।

शनिवार (1 अगस्त) को राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना है। बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए आम नागरिकों को खुले मैदानों, बड़े पेड़ों, जल स्रोतों और बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।

🌧️ जानिए किन-किन जिलों में रहेगा बारिश और मेघ गर्जन का ज्यादा असर?

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, शनिवार को मध्य झारखंड के जिलों- रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में बारिश की प्रमुख गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिमी जिलों (पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार) तथा उत्तर-पूर्वी जिलों (देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज) में भी बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर वर्षा हो सकती है।

🌦️ 2 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला, तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव

रविवार 2 अगस्त को भी मौसम के मिजाज में कोई बड़ा परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।

पूरे प्रदेश में आंशिक से पूर्ण बादल छाए रहने और अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान अगले दो दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

☔ सावन की पहली सोमवारी (3 अगस्त) पर श्रद्धालुओं पर पड़ेंगी फुहारें, शिवालयों में बारिश का अनुमान

3 अगस्त को सावन की पहली सोमवारी है, जिस दिन राज्य के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), पहाड़ी मंदिर (रांची) सहित तमाम शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

मौसम केंद्र रांची का अनुमान है कि पहली सोमवारी के दिन भी पूरे झारखंड में बादल छाए रहेंगे और रांची, देवघर, दुमका, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, खूंटी, पलामू और गिरिडीह समेत आसपास के जिलों में श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और फुहारों से दो-चार होना पड़ सकता है।

📉 मानसून के 2 महीने बीतने के बाद भी बारिश का कोटा अधूरा, राज्य में 27% कम वर्षा दर्ज

सावन की फुहारों के बीच इस वर्ष मानसून की चाल उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। 1 जून से 1 अगस्त तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सामान्य की तुलना में काफी कम वर्षा हुई है।

इस अवधि में झारखंड में औसतन मात्र 378 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 517 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। इस प्रकार पूरा राज्य अब तक करीब 27 प्रतिशत बारिश की कमी का सामना कर रहा है।

🗺️ 24 में से केवल 8 जिलों में सामान्य बारिश, 16 जिलों में मंडरा रहा है सूखाग्रस्तता का खतरा

झारखंड के जिलावार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 24 में से केवल 8 जिले ही सामान्य वर्षा की श्रेणी में आ पाए हैं।

इनमें दुमका, पूर्वी सिंहभूम, रांची, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ शामिल हैं, जिनमें पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति सबसे बेहतर है। इसके विपरीत, राज्य के 16 जिले अभी भी सामान्य से काफी कम वर्षा के कारण पिछड़े हुए हैं।

⚠️ चतरा और गढ़वा में सबसे भयावह स्थिति, 63% कम बारिश से ‘स्कैंटी रेनफॉल’ की श्रेणी में पहुंचे जिले

बारिश की भारी कमी को लेकर सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति चतरा और गढ़वा जिलों की बनी हुई है। इन दोनों जिलों में सामान्य से 63 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे ये जिले ‘स्कैंटी रेनफॉल’ (अत्यधिक वर्षा कमी) की गंभीर श्रेणी में आ गए हैं।

इसके अलावा देवघर, गिरिडीह, पलामू, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़, गुमला, जामताड़ा, खूंटी और धनबाद में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।