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CG News: नकली दवा मामले में साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, स्टिंग के बाद एडीसी संजय नेताम सस्पेंड

रायपुर:छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया है. राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए एडिशनल ड्रग कंट्रोलर (ADC) संजय नेताम को निलंबित कर दिया है.आरोप है कि संजय नेताम ने नकली दवा कारोबार के आरोपी ख़ेमराम बानी से रेस्टोरेंट में मुलाक़ात की थी, जिसका स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया. कार्रवाई की आंच अन्य अधिकारियों तक भी पहुंची है.

रेस्टोरेंट में मीटिंग से खुला राज

जानकारी के मुताबिक ADC संजय नेताम ने नकली दवा कारोबार में आरोपी बताए जा रहे ख़ेमराम बानी से रायपुर के एक रेस्टोरेंट में मुलाक़ात की थी. यह मुलाक़ात कार्यालय समय के दौरान हुई और इसे सामान्य बातचीत नहीं बल्कि संदिग्ध बैठक माना गया. इस पूरी मुलाक़ात का स्टिंग ऑपरेशन किया गया, जो बाद में मीडिया में सामने आया और सरकार के लिए असहज स्थिति बन गई.

Sanjay Netam suspended

स्टिंग ऑपरेशन ने बढ़ाया दबाव

स्टिंग ऑपरेशन में ADC और आरोपी के बीच बातचीत के दृश्य सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया. नकली दवाओं जैसे गंभीर अपराध में एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठे. मामला अखबारों और न्यूज चैनलों में प्रमुखता से प्रसारित हुआ, जिसके बाद शासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया.

शासन का कड़ा फैसला, ADC निलंबित

विवाद बढ़ने के बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आदेश जारी कर ADC संजय नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. शासन का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है. निलंबन अवधि में संजय नेताम का मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर तय किया गया है.

कार्रवाई के दायरे में राखी सिंह ठाकुर

मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है. बताया गया है कि ADC और आरोपी की जिस मुलाक़ात का स्टिंग हुआ, उस दौरान राखी सिंह ठाकुर भी मौके पर मौजूद थीं. इसके बाद शासन ने उन्हें जशपुर स्थानांतरित कर दिया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

आगे और बढ़ सकती है जांच

सूत्रों के अनुसार यह मामला अभी थमा नहीं है. निलंबन और तबादले के बाद अब विस्तृत विभागीय जांच की तैयारी है. माना जा रहा है कि जांच के दौरान और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग और राजनीति दोनों में हलचल और तेज़ हो सकती है.नकली दवाओं जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि प्रशासनिक लापरवाही और संदिग्ध सांठगांठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. लेकिन साथ ही यह मामला यह सवाल भी छोड़ गया है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह गोरखधंधा कितनी गहराई तक फैला हुआ है.