अमृतसर में मुठभेड़ के बाद घायल हो गया
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः पंजाब के जालंधर में हुए सनसनीखेज लक्की ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमृतसर देहात पुलिस ने एक साहसिक ऑपरेशन के दौरान मुख्य आरोपी शमिंदर सिंह उर्फ शिंगरी को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। यह कार्रवाई जालंधर पुलिस से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर अमृतसर के खासा क्षेत्र में की गई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक .30 बोर की बेरेटा पिस्टल बरामद हुई है, जिसके बारे में प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसी हथियार का इस्तेमाल लक्की ओबेरॉय की हत्या में किया गया था।
डीआईजी (बॉर्डर रेंज) संदीप गोयल और एसएसपी अमृतसर देहात सुहेल कासिम मीर ने बताया कि पुलिस को आरोपी के अमृतसर क्षेत्र में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। पुलिस ने तत्काल रणनीतिक घेराबंदी की और खासा इलाके में नाका लगाया। इसी दौरान शमिंदर एक बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया।
जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का संकेत दिया, तो उसने भागने की कोशिश की। हड़बड़ाहट में उसकी बाइक फिसल गई, जिसके बाद उसने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस जांच में यह दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शमिंदर ने जालंधर से अमृतसर तक का सफर बेहद शातिर तरीके से तय किया। बताया जा रहा है कि वह और उसके साथी नूरमहल के पास से अलग हुए। शमिंदर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए रास्ते में दो अलग-अलग ट्रकों से लिफ्ट ली और फिर टैक्सी के जरिए अमृतसर की सीमा में दाखिल हुआ। पुलिस की तकनीकी शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए उसे लगातार ट्रैक किया, जिससे उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में कुल दो पिस्तौलों का उपयोग किया गया था। जहाँ एक हथियार शमिंदर से बरामद हो चुका है, वहीं दूसरा हथियार उसके फरार साथी के पास होने की आशंका है। पूछताछ के दौरान कुछ अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने वारदात की साजिश में भूमिका निभाई थी। पुलिस की टीमें अब लुधियाना और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि हत्या में शामिल अन्य अपराधियों को भी जल्द से जल्द जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।