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Jalandhar AAP Leader Murder: सामने आई शूटर्स की पहली तस्वीर, स्कूटी पर आए थे हत्यारे; पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता लक्की ओबेरॉय मर्डर केस में दोनों हमलावरों की पहली तस्वीर सामने आई है. लक्की की आज सुबह उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वो मॉडल टाउन के गुरुद्वारा में माथा टेकने के बाद बाहर निकले थे. जैसे ही लक्की अपनी थार कार पर बैठे, स्कूटी सवार दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इससे लक्की की मौत हो गई. पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि यह एक सोची-समझी ‘टारगेट किलिंग’ है, जिसे गैंगस्टरों ने पूरी रेकी के बाद अंजाम दिया है.

घटना सुबह करीब 7:15 बजे की है. लक्की ओबेरॉय अपनी दिनचर्या के अनुसार मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे. हमलावर उनके पहुंचने से पहले ही वहां घात लगाकर बैठे थे. पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने लक्की के गुरुद्वारे से बाहर आने और अपनी थार गाड़ी में बैठने तक का इंतजार किया.

जैसे ही लक्की ओबेरॉय थार की ड्राइवर सीट पर बैठे, एक्टिवा सवार दो हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. थार के शीशे चकनाचूर हो गए और लक्की को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हमलावरों ने यह सुनिश्चित किया कि लक्की बच न सकें, इसलिए उन्होंने बेहद करीब से उनके सीने और चेहरे को निशाना बनाया.

CCTV और पुलिस जांच में 3 बड़े खुलासे

एडीसीपी जयंत पुरी के नेतृत्व में चल रही जांच में तीन अहम बातें सामने आई हैं, जो इस कत्ल को पेशेवर अपराधियों से जोड़ती हैं. हमलावरों को पता था कि लक्की रोजाना सुबह 7 बजे गुरुद्वारे आते हैं. उन्होंने लक्की की गाड़ी और उनके आने-जाने के समय की पूरी रेकी की थी.

हमलावरों ने उन्हें खुले में नहीं मारा, क्योंकि वहां भागने की गुंजाइश थी. थार के अंदर बैठते ही उन पर गोलियां बरसाई गईं ताकि वे फंस जाएं और जवाबी कार्रवाई या बचाव न कर सकें. जिस सफाई से वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हुए, वह किसी पेशेवर गैंग का तरीका है. पुलिस को शक है कि जल्द ही कोई गैंगस्टर ग्रुप इस हत्या की जिम्मेदारी ले सकता है.

अस्पताल में डॉक्टरों ने क्या कहा?

श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर की मानें तो लक्की के शरीर में 5 से 6 गोलियां सीने में और एक गोली चेहरे पर लगी थीं. उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

राजनीतिक कद और परिवार

लक्की ओबेरॉय आम आदमी पार्टी के एक सक्रिय चेहरे थे. वो जालंधर कैंट की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा के बेहद करीबी माने जाते थे. उनकी पत्नी भी AAP के टिकट पर नगर निगम का चुनाव लड़ चुकी हैं. लक्की के परिवार में उनकी मां, दो भाई, दो बेटियां और एक बेटा है. इस घटना के बाद पूरे परिवार और समर्थकों में कोहराम मचा हुआ है. शहर के सभी नाकों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. पुलिस की हाईटेक टीमें गुरुद्वारे के आसपास और शहर के अन्य रास्तों के CCTV खंगाल रही हैं. हमलावरों की स्कूटी का नंबर और उनकी पहचान उजागर करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.