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Ratlam Collector Action: स्वास्थ्य केंद्र पर अतिक्रमण देख भड़कीं रतलाम कलेक्टर, BMO को लगाई कड़ी फटकार; दिए ये सख्त निर्देश

रतलाम: प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत बजाना ब्लॉक के दौरे पर पहुंची रतलाम कलेक्टर को पहले गांव में ही सरकारी विभागों की कामचोरी पकड़ में आ गई. कलेक्टर मिशा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग और पटवारी सहित स्थानीय अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई है.

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को रतनगढ़ गांव में स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग के कमरों पर ही ग्रामीणों का अतिक्रमण मिला. इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल अतिक्रमण हटाने और बीएमओ को स्वास्थ्य केंद्र पर आने और फील्ड में ड्यूटी करने की नसीहत दे डाली. वहीं, पीपलीपाड़ा शासकीय स्कूल में पहली से पांचवी कक्षा के बच्चों के शिक्षा के स्तर का टेस्ट भी लिया.

स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने बताया भवन पर ग्रामीणों का कब्जा

कलेक्टर मिशा सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ पहुंचकर मौके पर ही जनसुनवाई करने और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करने के लिए प्रशासन गांव की ओर अभियान की शुरुआत की है. जिसके अंतर्गत कलेक्टर आज बाजना ब्लॉक के दौरे पर पहुंची थी. जहां रतनगढ़ आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य कर्मचारी से पूछा कि इन कमरों में क्या सामान रखा हुआ है. स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि इन कमरों पर पास में रहने वाले ग्रामीणों का कब्जा है.

कलेक्टर ने बीएमओ को लगाई फटकार

सरकारी बिल्डिंग पर अवैध कब्जे की बात सुनकर कलेक्टर हैरान रह गईं. इसके बाद कलेक्टर ने स्थानीय पटवारी, सरपंच, सचिव और बीएमओ से सवाल किया तो सभी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने लगे. कलेक्टर मिशा सिंह ने बीएमओ संजय जायसवाल से कहा कि कभी केंद्र पर आ भी जाया करो और बैठ जाया करो. केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आते भी है या नहीं या केवल मुझे दिखाने के लिए आए हैं. कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं.

एक ही कमरे में चल रही थीं पहली से 5वीं तक की कक्षाएं

कलेक्टर जब अधिकारियों के साथ पिपलीपाड़ा में चल रहे प्रशासन गांव की ओर अभियान के कैंप में पहुंची तो पास ही स्थित प्राथमिक स्कूल में बच्चों की क्लास चल रही थी. कलेक्टर मिशा सिंह और जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन ने कक्षा में पहुंचकर बच्चों से चर्चा की और उनके शिक्षा के स्तर का टेस्ट भी लिया.

कलेक्टर ने शिक्षकों को सुधार लाने की दी नसीहत

कलेक्टर ने शिक्षकों से यह सवाल किया कि एक ही कक्षा में पांच कक्षाएं कैसे संचालित कर रहे हैं. जिस पर शिक्षकों ने बताया कि बच्चों की संख्या कम है और एक-दो कक्षा में तीन-चार बच्चे ही हैं. कलेक्टर ने तीसरी कक्षा की एक छात्रा से 4 और 9 को जोड़ने को कहा तो छात्रा को यह साधारण गणना करने में काफी समय लग गया. कलेक्टर ने जन शिक्षक से टाइमर लगवाकर बच्चों का टेस्ट लिया. इसके बाद कलेक्टर ने शिक्षकों और जन शिक्षक को प्रदर्शन में सुधार कर लेने की नसीहत दी है.

कलेक्टर मिशा सिंह ने ईटीवी भारत से चर्चा करते हुए बताया कि “प्रशासन गांव की ओर अभियान का उद्देश्य ही दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ पहुंचना सुनिश्चित करना है. स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण और स्कूल के निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां मिली हैं, जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं.”