रूस यूक्रेन युद्धविराम पर 28 सूत्री शांति योजना पर अलग अलग प्रतिक्रिया
मॉस्कोः रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक 28-सूत्रीय शांति योजना पेश की है, जिसने संघर्ष विराम की दिशा में एक नया कूटनीतिक मोड़ ला दिया है। यह योजना महीनों से चल रही गोपनीय, बैक-चैनल वार्ताओं का परिणाम है, जिसमें व्हाइट हाउस के विशेष दूत और पेंटागन के प्रतिनिधिमंडल शामिल रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रूस अमेरिका द्वारा प्रस्तावित शांति योजना के विवरण पर ठोस चर्चा के लिए तैयार है और यह अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकता है। मॉस्को के इस रुख को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि रूस ने पहले के कई पश्चिमी शांति प्रयासों को ठुकरा दिया था, जिसमें केवल अस्थायी युद्धविराम का प्रस्ताव था।
हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस योजना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लीक हुए विवरणों के अनुसार, इस 28-सूत्रीय प्लान में यूक्रेन को अपने देश के कुछ हिस्सों पर रूसी नियंत्रण को स्वीकार करने, अपनी सेना की संख्या कम करने और नाटो में शामिल न होने का वादा करने जैसे विवादास्पद बिंदु शामिल हैं। जेलेंस्की ने अपने देश पर इस योजना को स्वीकार करने के अत्यंत कठिन फैसलों के दबाव की बात कही है। उनका कहना है कि योजना में कई ऐसे बिंदु हैं जिन्हें यूक्रेन पहले ही खारिज कर चुका है, और यूक्रेन अब अपनी साख या एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार (अमेरिका) को खोने की मुश्किल स्थिति का सामना कर रहा है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा इस योजना को आधिकारिक तौर पर कीव को सौंपने से पहले ही, यूक्रेन के सहयोगी देश भी इस पर विभाजित हैं। अमेरिका, यूक्रेन पर अपने मजबूत सैन्य और वित्तीय समर्थन को बरकरार रखते हुए, शांति समझौते के लिए दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह कदम युद्ध को तीसरे वर्ष में प्रवेश करने से रोकने की एक हताश कोशिश है। इस योजना का भविष्य दोनों नेताओं, पुतिन और जेलेंस्की, द्वारा इस पर किए जाने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा, जिसके लिए यूक्रेन को अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय अखंडता के बीच एक कठिन संतुलन साधना होगा।