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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से वार्ता

जी 20 में नरेंद्र मोदी का द्विपक्षीय वार्ता पर भी पूरा जोर

जोहांसबर्गः दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन के मौके पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम दिया है। यह मुलाकात भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को और मज़बूत करने के व्यापक उद्देश्य के साथ आयोजित की गई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सहमति बनी।

दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर, दोनों लोकतांत्रिक देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रतिबद्धता क्वाड समूह में उनकी भागीदारी के माध्यम से और अधिक स्पष्ट होती है, जिसका लक्ष्य एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत की कल्पना को साकार करना है। रक्षा क्षेत्र में, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।

आर्थिक मोर्चे पर, दोनों प्रधानमंत्रियों ने आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के कार्यान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को अगले कुछ वर्षों में 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना है, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों और उपभोक्ताओं को लाभ मिल सके।

इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा, विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन, और महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे लिथियम और कोबाल्ट) की आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ऑस्ट्रेलिया के निर्यात बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण के लिए महत्वपूर्ण है।

वार्ता का एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु अगले साल होने वाली वार्षिक शिखर बैठक की तैयारियों पर चर्चा करना था। इसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच संबंधों को केवल रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़कर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाना है। दोनों नेताओं ने लोगों से लोगों के बीच संपर्क, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया। कुल मिलाकर, यह द्विपक्षीय वार्ता वैश्विक मंच पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बढ़ते सामरिक तालमेल और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करती है।