Breaking News in Hindi

भाई के साथ प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल

बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का माहौल अब गरमाया

  • इस की यात्रा में रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए

  •  महिलाओं की मौजूदगी अधिक देखी गयी

  •  इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच, राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी कड़ी में, विपक्षी इंडिया गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है, जिसका नाम वोटर अधिकार यात्रा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य भर के मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कथित मतदाता सूची में हेरफेर के खिलाफ आवाज उठाना है।

यह यात्रा 17 अगस्त को ऐतिहासिक शहर सासाराम से शुरू हुई थी और इसे 1 सितंबर को पटना में एक भव्य रैली के साथ समाप्त होना है। इस 16-दिवसीय अभियान के दौरान, इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता मिलकर लगभग 1,300 किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य बिहार के हर कोने में अपनी बात पहुंचाना है।

अब तक, इस यात्रा ने बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों को कवर किया है, जिनमें गयाजी, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार और पूर्णिया शामिल हैं। यह अभियान जनता के बीच काफी उत्साह पैदा कर रहा है, खासकर तब जब गठबंधन के शीर्ष नेता इसमें शामिल हो रहे हैं।

मंगलवार, 26 अगस्त, 2025 को इस यात्रा में एक नया मोड़ आया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी इसमें शामिल होने के लिए सुपौल पहुँचे। उनके आगमन ने न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यात्रा को एक राष्ट्रीय स्तर की पहचान भी दी। प्रियंका की मौजूदगी की वजह से रैली में महिलाओँ की संख्या भी अधिक रही और रास्ते के मकानों पर भी अनेक महिलाएं हाथ हिलाकर उनका अभिवादन करती देखी गयी।

सुपौल में, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, राजद नेता तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन के अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद थे। नेताओं को एक एसयूवी की छत पर खड़े होकर उत्साही भीड़ का अभिवादन करते देखा गया। उनकी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया और सड़क पर विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। इस दौरान, वोटर अधिकार यात्रा के बैनर और पोस्टर हर तरफ दिखाई दे रहे थे, जो इस अभियान की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाते हैं।

इस यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। अररिया में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के सभी घटक दल आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, हम दोनों वैचारिक और राजनीतिक रूप से एकजुट हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और हमारा मानना है कि इसका परिणाम निश्चित रूप से फलदायी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन जल्द ही बिहार विधानसभा चुनावों के लिए एक साझा घोषणापत्र जारी करेगा, जिसमें जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।

वहीं, इंडिया गठबंधन की इस पहल पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दावा किया कि जनता ने इस मुद्दे को पहले ही खारिज कर दिया है और इंडिया गठबंधन का टायर पंचर हो चुका है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं, जैसे कि चुनाव आयोग, को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी का यह रवैया उनकी संभावित हार का संकेत है। उन्होंने आगे कहा, उनके लिए चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग अच्छा हो जाता है और हारने पर बुरा। हुसैन ने यह भी दावा किया कि एनडीए पूरी तरह से एकजुट है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगा, जिसमें चिराग पासवान की पार्टी का भी सहयोग मिलेगा।