अफवाह फैलने के बाद प्रशासनिक बदइंतजामी जाहिर
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किसी ने करंट फैलने की अफवाह फैलायी
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एक दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे लोग
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मुख्यमंत्री धामी खुद हरिद्वार अस्पताल पहुंचे
राष्ट्रीय खबर
देहरादूनः हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक किसी ने करंट फैलने की अफवाह फैला दी। इस घटना के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। दूसरी तरफ अपुष्ट जानकारी के मुताबिक भगदड़ में आठ लोगों की मौत की खबर है।
कई लोगों के बुरी तरह से घायल होने की खबर भी है। मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों को तुरंत अस्पतालों में पहुंचाने में लग गई। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का एलान किया। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। वहीं, करीब दो बजे सीएम पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे और अस्पताल में घायलों का हाल जाना।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद मची भगदड़ मच गई। भगदड़ में आठ लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं। एम्स पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि एम्स में कुल 15 घायल लाए गए थे, जिसमें से पांच को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। 10 अभी यहां भर्ती हैं। इनमें दो साल की एक बच्ची, 26 वर्षीय युवती व 56 वर्षीय महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लोग बच्चों को कुचल रहे थे, लाशें बिखरी पड़ी थीं: हरिद्वार मनसा देवी भगदड़ के दौरान हुई घटना को एक प्रत्यक्षदर्शी ने याद किया।
रविवार सुबह हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई दुखद भगदड़ के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी ने घटना को याद किया, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, हम दर्शन के लिए गए थे। मंदिर का मुख्य द्वार बंद था क्योंकि अंदर भारी भीड़ थी। लोग उस दिशा से भागे और एक-दूसरे के ऊपर से कूद पड़े। वे मेरे और हमारे बच्चों के सिर के ऊपर से कुचल रहे थे। लाशें बिखरी पड़ी थीं।
भगदड़ में कथित रूप से घायल हुए एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि घटनास्थल पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई थी और बिजली का करंट लगने की अफवाह से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई, जिससे भगदड़ मच गई। घायल श्रद्धालु ने याद करते हुए कहा, भागने की कोशिश में लोग गिर पड़े। भगदड़ कथित तौर पर मंदिर मार्ग पर मुख्य मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर हुई थी। बाद में घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में घायल श्रद्धालुओं को एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाते और कई अन्य का इलाज करते हुए दिखाया गया। दृश्यों में भगदड़ स्थल पर पड़े शव भी दिखाई दे रहे हैं।
यह भगदड़ उस समय हुई जब श्रद्धालु सावन के पवित्र हिंदू महीने में पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में उमड़े थे। सावन के महीने में आमतौर पर सभी पवित्र स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है।
धामी ने कहा, आज सुबह करीब 9 बजे किसी ने बिजली का करंट लगने की अफवाह फैला दी और यह घटना घट गई। हमने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि सभी घायलों को उचित इलाज मिले। हमने एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है। आर्थिक मदद की भी घोषणा की गई है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी।