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चायनीज माल पर भरोसा कर धोखा खा गया है पाकिस्तान

साढ़े तीन घंटे में पांच सौ ड्रोन सभी विफल हुए

  • खेतों में पड़े मिले ऐसे मिसाइल भी

  • भारत की वायु रक्षा प्रणाली सफल

  • सस्ते रॉकेट दागने जैसा माहौल बना

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन की युद्ध तकनीक पर भी गंभीर सवाल उठ गये हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी खेमा यह प्रचार करने में जुट गया है  कि दरअसल चीन अपनी युद्ध सामग्रियों की तीन किस्में तैयार करता है। इसमें से एक तो उसके अपने इस्तेमाल के लिए होता है औऱ दूसरी श्रेणी के हथियार वह उन्नत देशों को देता है।

पाकिस्तान जैसे देशों को हथियार के जैसा नकली सामान थमा देता है। इस दलील के पीछे पाकिस्तान की तरफ से भारत पर किये गये ड्रोन और मिसाइल हमलों का उदाहरण दिया जा रहा है। पिछली रात से 500 पाक ड्रोन ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात के 24 शहरों को निशाना बनाया है।

सेना के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने ड्रोन झुंड का इस्तेमाल किया और 8 मई को भारत के 24 शहरों को निशाना बनाया। भारतीय सशस्त्र बलों ने हमले के प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया और ड्रोन को बेअसर कर दिया। 8 मई की रात को पाकिस्तान ने भारतीय शहरों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका और बेअसर किया।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा आतंकी शिविरों को निशाना बनाए जाने के बाद तनाव बढ़ा  है। सेना के सूत्रों ने बताया कि 8 मई की रात 8.00 बजे से 11.30 बजे के बीच पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों में एक साथ ड्रोन हमले किए। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 24 शहरों को निशाना बनाकर करीब 500 छोटे ड्रोन तैनात किए।

भारतीय सेना और वायुसेना ने एल70, जेडयू-23, शिल्का और आकाश सहित कई एंटी-मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। सूत्रों ने बताया कि ज़्यादातर निहत्थे ड्रोन भेजने के पीछे पाकिस्तान का मकसद नागरिकों में दहशत फैलाना या भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करना हो सकता है।

7 मई की सुबह भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाए जाने के बाद इस्लामाबाद में तनाव बढ़ गया। भारत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मिशन का कोडनेम ऑपरेशन सिंदूर था और इसका उद्देश्य आतंकवादियों को निशाना बनाना था और पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों से बचना था। हालाँकि, पाकिस्तान ने 8 मई को जम्मू और पठानकोट में सैन्य स्थलों सहित भारत के कई स्थानों को निशाना बनाने का प्रयास करके जवाबी कार्रवाई की।

भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने हवाई हमले को रोक दिया और उसे बेअसर कर दिया, जिससे किसी भी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान को नुकसान या किसी भी तरह की हताहत होने से बचा जा सका। ड्रोन के झुंड के अलावा, पाकिस्तान ने मिसाइलें भी तैनात कीं, जिन्हें भारत की वायु रक्षा इकाइयों ने तुरंत रोक दिया और अवरुद्ध कर दिया।

सेना के एक अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान की ओर से सतवारी, सांबा, आर एस पुरा और अरनिया पर आठ मिसाइलें दागी गईं। सभी को वायु रक्षा इकाइयों ने रोक दिया और ब्लॉक कर दिया। जम्मू के ऊपर के दृश्य बिल्कुल इजरायल पर हमास शैली के हमले की याद दिलाते हैं, जैसे कई सस्ते रॉकेट दागे गए हों। इस दौरान पंजाब,कश्मीर और राजस्थान तथा गुजरात में भी ऐसे कई मिसाइलों के मलवे मिले हैं जो बिना किसी नुकसान के ही सुनसान इलाके में आ गिरे हैं। सिर्फ उनके गिरने की आवाज से स्थानीय लोगों को पता चला कि उनके इलाके में कुछ गिरा है।