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मेरी टिप्पणी हटाना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ

नेता प्रतिपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखा


  • जो कुछ कहा सोच समझकर कहा 

  • वाक्य या शब्द हटाने के नियम बने है 

  • मैंने सदन को जमीनी हकीकत बतायी


राष्ट्रीय खबर
नईदिल्ली: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी को हटाए जाने पर स्पीकर पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि, मेरी टिप्पणी को हटाना संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। लोकसभा में अपने भाषण के कुछ हिस्सों को संसदीय रिकॉर्ड से हटाए जाने के एक दिन बाद, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा, मेरी विचारित टिप्पणियों को हटाना संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।

स्पीकर को लिखे अपने पत्र में, श्री गांधी ने कहा कि हालांकि सभापति को सदन की कार्यवाही से कुछ टिप्पणियों को हटाने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन शर्त केवल उन प्रकार के शब्दों की है, जिनकी प्रकृति लोकसभा में प्रक्रिया और व्यवसाय के संचालन के नियमों के नियम 380 में निर्दिष्ट की गई है।
हटाए गए हिस्से नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। मैं सदन में जो बताना चाहता था, वह जमीनी हकीकत, तथ्यात्मक स्थिति है। सदन का हर सदस्य जो लोगों की सामूहिक आवाज का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है, उसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 105(1) के अनुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। सदन में लोगों की चिंताओं को उठाना हर सदस्य का अधिकार है।
यह वही अधिकार है और देश के लोगों के प्रति अपने दायित्वों का पालन करते हुए, जिसका मैं कल प्रयोग कर रहा था। मेरे द्वारा कही गई बातों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाना संसदीय लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देने के लिए मंगलवार को खड़े हुए तो समूचा विपक्ष हंगामा करते हुए नारेबाजी करने लगा। श्री मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने सदन में जबरदस्त हंगामा किया जिसके कारण प्रधानमंत्री को हंगामे के बीच ही अपना भाषण देना पड़ा।

अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों को रोकने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो श्री बिरला विपक्ष के नेता पर बिफरने लगे। श्री बिरला ने श्री गांधी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, आपका तरीका गलत है। प्रतिपक्ष के नेता की गरिमा इस तरह की नहीं होती है। आपको हंगामा बंद कराना चाहिए लेकिन आप गलत तरीका अपना रहे हैं। प्रतिपक्ष के नेता के विपरीत आचरण करके विपक्ष के नेता की गरिमा घटा रहे हैं।