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पुलिस ने सफाई दी गिरफ्तार नहीं किया है

  • घर छोटा है इसलिए पार्क में बुलाया

  • नाराज खाप नेता भी थाना पहुंच गये

  • केजरीवाल और पवन खेडा ने सवाल किये

राष्ट्रीय खबर

नयी दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भ्रष्टाचार के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से समन मिलने के एक दिन बाद शनिवार को दिल्ली के आरके पुरम में एक पुलिस स्टेशन पहुंच गये। दरअसल उनके मिलने आये हरियाणा और उत्तरप्रदेश के कई खाप के नेताओँ से मिलने के लिए उन्होंने पास के एक पार्क में इंतजाम किया था।

पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं होने की बात कहकर उन्हें पार्क में बैठक करने से रोक दिया। दूसरी तरफ श्री मलिक ने कहा कि उनका घर छोटा है। इसलिए घर के करीब के इस पार्क में इतने लोगों के बैठने का इंतजाम किया था। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद श्री मलिक और कई राज्यों से आये खाप नेता पुलिस स्टेशन चले गये।

वहां श्री मलिक के जाने के बाद यह चर्चा फैल गयी कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने तुरंत ही इस सूचना को अफवाह बताया और कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। वह अपनी मर्जी से पुलिस स्टेशन आए थे और अपनी मर्जी से चले गये। इस समय तक मामला गरमाने लगा था तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक बयान में कहा, हमने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को हिरासत में नहीं लिया है।

वह अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन आरके पुरम में अपनी इच्छा से आए हैं, और हमने उन्हें सूचित किया है कि वह अपनी मर्जी से जा सकते हैं। मलिक के घर के पास एक पार्क में आयोजित बैठक पर पुलिस द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद मलिक पुलिस थाने गए थे। पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें रिहायशी इलाके में बिना अनुमति के कोई सभा करने की इजाजत नहीं थी।

यह तब था जब श्री मलिक और उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसान समूहों और ग्राम निकायों के नेता, जो बैठक के लिए आए थे, पुलिस स्टेशन गए। सोशल मीडिया पर श्री मलिक की टीम द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में नेताओं को एक बस में उनके समर्थन में नारे लगाते हुए दिखाया गया है।

मलिक ने बाद में थाने के बाहर संवाददाताओं से कहा, पुलिस कह रही है कि वे अब हमें गिरफ्तार नहीं करेंगे। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस द्वारा कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में गवाह के रूप में 28 अप्रैल को पूछताछ के लिए सीबीआई द्वारा राज्यपाल को तलब किए जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।

श्री मलिक ने बताया कि सीबीआई ने कुछ स्पष्टीकरण के लिए मध्य दिल्ली में एजेंसी के अकबर रोड गेस्ट हाउस में उनकी उपस्थिति के लिए कहा है। श्री मलिक का बयान था कि उन्होंने 2018 में उद्योगपति अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी के साथ एक अनुबंध रद्द कर दिया था, जब वह जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल थे। श्री मलिक ने बीमा योजना में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद सीबीआई की कार्रवाई हुई।

दूसरी तरफ सीबीआई द्वारा सत्यपाल मलिक को तलब किए जाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल ने इस भय के माहौल में बहुत साहस दिखाया है और पूरा देश उनके साथ है। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेडा ने भी सीबीआई की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। इससे साफ है कि सत्यपाल मलिक के मुद्दे पर विपक्षी दल गोलबंद हो रहे हैं। कई अन्य दलों के प्रमुख नेताओं ने भी सत्यपाल मलिक को सीबीआई द्वारा इस मौके पर बुलाये जाने की निंदा की है और कहा है कि यह केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का खुला मामला है।