जी 7 की बैठक में भाग लेने का छह दिवसीय विदेश दौरा
एजेंसियां
पेरिसः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के पहले चरण में शनिवार को फ्रांस के नीस हवाई अड्डे पर पहुंचे। प्रधानमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेना और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना है। नीस पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडौर्ड जेफ्रे, उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैपटिस्ट, भारत में फ्रांसीसी राजदूत थिएरी मथौ और नीस के मेयर एरिक सियोटी सहित कई वरिष्ठ हस्तियां मौजूद थीं।
प्रधानमंत्री ने अपने आगमन के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उनकी इस यात्रा में नीस के अलावा एवियन और पेरिस में भी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। उन्होंने कहा कि इन द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रमों का प्राथमिक लक्ष्य भारत के प्रमुख विकास भागीदारों के साथ मित्रता और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। मोदी के स्वागत में एक विशेष सम्मान के रूप में नीस के सिटी हॉल में भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो कि किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति के लिए एक दुर्लभ और सम्मानजनक संकेत है।
इस यात्रा के महत्वपूर्ण एजेंडे में रविवार को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक शामिल है। दोनों नेता भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाएगा, जिससे नवाचार के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में ही भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया है, जिसकी समीक्षा इस यात्रा के दौरान प्रमुखता से की जाएगी।
जी-7 शिखर सम्मेलन के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत न केवल अपने हितों की बात करेगा, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को भी मजबूती से मुखर करेगा। जी-7 में भारत की उपस्थिति देश के बढ़ते वैश्विक कद और भागीदारों द्वारा भारत में जताए गए भरोसे का प्रमाण है। शिखर सम्मेलन 16 और 17 जून को एवियन में आयोजित किया जाएगा।
अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री 14-15 जून को स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे, जहां वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ ब्रातिस्लावा में चर्चा करेंगे। अंत में, 18 जून को पेरिस में मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवटेक 2026 में भाग लेंगे। यह यूरोप का सबसे प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है, जिसमें भारत का अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंडप स्थापित किया जाएगा, जो भारतीय और यूरोपीय नवाचार इकोसिस्टम की साझेदारी की अपार संभावनाओं को रेखांकित करेगा।