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गुजराती ठग किरण भाई पटेल की पत्नी भी गिरफ्तार हुई

  • 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में हिरासत में

  • पहले ही उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके थे

  • पीएमओ की फर्जी वेबसाइट पर पुलिस की चुप्पी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः गुजरात के ठग किरण पटेल की पत्नी को भी गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आश्चर्य की बात है कि सारे ऐसे मामले पुराने होने के बाद भी गुजरात की पुलिस ने अब तक इन मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब जिस मामले में उस महिला को गिरफ्तार किया गया है, उसके एफआईआर में कहा गया है कि किरण पटेल और उनकी पत्नी मालिनी पटेल ने अहमदाबाद में अपनी आवासीय संपत्ति का नवीनीकरण करने का वादा करके एक पूर्व भाजपा मंत्री के भाई को धोखा दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के रूप में खुद को ठगने वाले किरण भाई पटेल की पत्नी को मंगलवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री जवाहर चावड़ा के भाई जगदीश चावड़ा ने 22 मार्च को मालिनी पटेल और उनके पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

किरण भाई पटेल के खिलाफ यह चौथा मामला है। उनके खिलाफ उनके गृह राज्य गुजरात के विभिन्न थानों में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में तीन मामले दर्ज किए गए हैं।

ताजा मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट में कहा गया है कि मालिनी पटेल और किरण भाई पटेल ने पिछले साल अहमदाबाद के शिलाज इलाके में अपनी आवासीय संपत्ति की मरम्मत का झांसा देकर चावड़ा से करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी की

प्राथमिकी में कहा गया है कि किरण भाई पटेल ने कथित तौर पर प्रधान मंत्री कार्यालय में कक्षा 1 अधिकारी होने का दावा करके चावड़ा को धोखा दिया था। उसने खुद के बारे में यह झांसा भी दिया था कि वह एक बड़ी अडानी परियोजना से जुड़ा है। घऱ की मरम्मत शुरु करने के बाद दोनों ने चावड़ा से किश्तों में 35 लाख रुपये लिए। जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ तो चावड़ा अपने दोस्त के घर रहने चला गया।

हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि दंपति उनकी संपत्ति में चले गए थे और उन्होंने अपनी नेम प्लेट बाहर लगा दी थी। जब चावड़ा ने इस बारे में उनसे बात की, तो वे कथित तौर पर मरम्मत का काम पूरा किए बिना उसके पैसे लेकर भाग गए। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त चैतन्य मांडलिक ने बताया, “मालिनी पटेल को मंगलवार सुबह हिरासत में लिया गया था। गुजरात से पता चला है कि अहमदाबाद, वड़ोदरा और उत्तरी गुजरात में भी उसने लोगों से धोखा कर पैसे ऐठे थे।

अब लोग इस बारे में खुलकर बोलने लगे हैं वरना पहले लोग उसे सही में प्रधानमंत्री कार्यालय का व्यक्ति समझकर चुप्पी साध गये थे। इन सभी इलाकों में उसके खिलाफ करीब पांच करोड़ की ठगी के मामले दर्ज हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रधान मंत्री कार्यालय में रणनीति और अभियानों के लिए एक अतिरिक्त निदेशक होने के आरोप में 3 मार्च को किरण भाई पटेल को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आम तौर पर प्रधान मंत्री कार्यालय से अधिकारियों को बुलेटप्रूफ कार, सुरक्षा कर्मियों और जम्मू-कश्मीर के एक पांच सितारा होटल में आधिकारिक आवास सहित सुविधाएं दी जाती हैं।

उन पर 2 मार्च को धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। पिछले हफ्ते, श्रीनगर की एक अदालत ने देखा था कि उसने न केवल एक व्यक्ति को बल्कि नागरिक प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के उच्च अधिकारियों सहित समाज के एक अत्यंत उच्च वर्ग को धोखा देने के लिए कुछ दस्तावेजों को जाली बनाया था।

वैसे उसके पीएमओ वाली बेवसाइट को जिस कंपनी के पते पर रजिस्टर किया गया था, उस बारे में अब तक कोई जांच नहीं हुई है। उस फर्जी वेबसाइट पीएमओ.इन को किसी प्रेमल मेहता के कार्यालय के नाम पर रजिस्टर किया गया था। यह पंजीयन 22 फरवरी 2005 को किया गया था। यह प्रेम मेहता का कार्यालय क्या है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।