Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पनीर के बैक्टीरिया पेट की सेहत के लिए वरदान दिल्ली पेलेट गन मामले में पहली FIR दर्ज: राहुल गांधी के 8 घंटे धरने के बाद BNS 118 व 125 में केस एक शब्द का गलत प्रयोग और मोदी की परेशानी पेलेट गन मामले में FIR की मांग पर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे राहुल गांधी, BJP का पलटवार मसूरी-कैंपटी रोड पर भूस्खलन का कहर: सांझा दरबार के पास मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: 2,011 फैक्ट्रियों की जांच, 33 पर क्लोजर ऑर्डर और 44 पर लगा भारी जु... 'प्रति व्यक्ति आय में भारत बांग्लादेश से भी पिछड़ा': अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला 26/11 मुंबई हमला: हाफिज सईद और लखवी समेत 6 भगोड़ों पर चलेगा इन-एब्सेंटिया ट्रायल, MHA ने इंटरपोल से ... दिमागी नक्सल का वायरस कोलकाता भी आ पहुंचा सहारनपुर में व्यक्ति की चोटी काटकर की मारपीट: फसल पर चलाया ट्रैक्टर, SSP ऑफिस पहुंचे ब्राह्मण समाज क...

कारखानों में तैयार होंगी देश की सड़केः गडकरी

अब सड़क निर्माण की गति और गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत के सड़क निर्माण उद्योग में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जिसकी घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की है। उन्होंने बताया कि अब सड़कों का निर्माण पारंपरिक तरीके से न होकर फैक्ट्रियों में किया जाएगा। इस नई तकनीक से निर्माण प्रक्रिया में तेजी आएगी, गुणवत्ता में सुधार होगा और लागत में भी कमी आएगी।

उत्तर प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान, गडकरी ने मलेशिया की उन्नत तकनीक का जिक्र करते हुए इसके लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सड़क का केवल कंक्रीट मिश्रण वाला हिस्सा ही निर्माण स्थल पर तैयार किया जाएगा, जबकि बाकी सभी हिस्से जैसे प्री-कास्ट नालियां और अन्य संरचनाएं, फैक्ट्रियों में बनाई जाएंगी।

इस प्री-कास्ट तकनीक से सड़क निर्माण तेज, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होगा। यह तकनीक पहले से ही सिंगापुर और भारत में चेन्नई मेट्रो परियोजना में उपयोग की जा चुकी है, जहां हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई है। गडकरी के अनुसार, इस तकनीक से 120 मीटर की दूरी में केवल दो पिलर की आवश्यकता होती है, जिससे तीन पिलर की लागत बच जाती है।

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए, गडकरी ने कई सुझाव दिए। उन्होंने डिवाइडर की ऊंचाई को तीन फीट तक बढ़ाने और दोनों तरफ दीवारें बनाने की बात कही, ताकि कोई भी सड़क पार न कर सके। इसके अलावा, ड्रेनेज सिस्टम के लिए प्री-कास्ट नालियां अनिवार्य की गई हैं, जो गुणवत्ता को और बेहतर करेंगी।

गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके सलाहकार अवनीश अवस्थी से इस तकनीक को राज्य में लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस तकनीक को अपनाने से सड़क निर्माण में क्रांति आ सकती है। गडकरी ने यह भी दावा किया कि नई तकनीकों के उपयोग से 2047 तक भारत की सड़कें अमेरिका से भी बेहतर होंगी।

गडकरी ने नौकरशाही की सुस्ती पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से निर्णय लेने और परियोजनाओं में देरी कम करने की सलाह दी। उन्होंने ठेकेदारों की बैंक गारंटी लौटाने में लगने वाले समय और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। गडकरी ने ऑटोमेटेड और इंटेलिजेंट मशीन-असिस्टेड कंस्ट्रक्शन सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही, जो निर्माण की हर प्रक्रिया में रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगा। यह तकनीक सड़क निर्माण में सटीकता, गति और गुणवत्ता को बढ़ाएगी।