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सुप्रीम कोर्ट जांच रही है, सच सामने आयेगाः अमित शाह

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियां निष्पक्ष रूप से काम कर रही हैं और दो को छोड़कर, सभी मामलों की जांच यूपीए सरकार के दौरान दर्ज की गई थी।

शुक्रवार को दिल्ली में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में हिस्सा लेते हुए अमित शाह ने कहा कि जांच एजेंसियां जो भी कर रही हैं, उसे अदालतों में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 2017 में, उत्तर प्रदेश चुनावों के दौरान, कांग्रेस की एक बड़ी महिला नेता ने कहा था कि अगर वे भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो कोई जांच क्यों नहीं हुई। व

ह हमसे सवाल कर रही थीं। अब जब कोई कार्रवाई हुई है तो वे हंगामा कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि ये जांच एजेंसियां कोर्ट से ऊपर नहीं हैं और किसी भी नोटिस, एफआईआर और चार्जशीट को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

उन्होंने कहा, अदालत जाने के बजाय, वे बाहर क्यों चिल्ला रहे हैं? मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि अगर किसी के खिलाफ कोई भ्रष्टाचार का आरोप है, तो क्या जांच नहीं होनी चाहिए। दो को छोड़कर ये सभी मामले उनके शासन के दौरान दर्ज किए गए थे, हमारी सरकार के दौरान नहीं।

श्री शाह ने कहा कि जब कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के 10 साल के शासन के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों के आरोप लगे थे, तब सरकार ने स्थिति को शांत रखने के लिए सीबीआई के माध्यम से मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है, तो ईडी इसकी जांच करने के लिए बाध्य है।

इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कि जांच एजेंसियां विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, गृह मंत्री ने कहा, उन्हें अदालत जाने से कौन रोक रहा है? उनकी पार्टी में हमसे बेहतर वकील हैं।” उन्होंने कहा कि एजेंसियां निष्पक्ष रूप से काम कर रही हैं। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि आप कानून का पालन करें, यही एकमात्र रास्ता है। विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि सरकार सीबीआई, ईडी और अन्य जांच एजेंसियों के जरिए अपने नेताओं को निशाना बना रही है।