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तिरुपति मंदिर में अब चेहरा पहचान प्रणाली लागू

राष्ट्रीय खबर

विशाखापत्तनमः दुनिया के अन्यतम अमीर मंदिरों में गिना जाने वाले तिरुपति मंदिर में आगामी एक मार्च से नया नियम लागू होने वाला है। भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में भक्तों को अब 1 मार्च से चेहरे की पहचान प्रणाली के माध्यम से दर्शन और ठहरने की सुविधा दी जा सकती है।

इस फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम को दर्शन और आवास आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी के जरिये इसका उद्देश्य मंदिर में आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को अधिक सुविधा के साथ सेवाएं मुहैया कराना है।

इस सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। मंदिर की वेबसाइट पर इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा गया है कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम  1 मार्च से प्रायोगिक आधार पर फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी शुरू करने के लिए तैयार है। यह आइडिया टोकन के वगैर दर्शन और आवास के आवंटन सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है।

दुनिया भर से आने वाले भक्तों के लिए यहां तिरुमाला में लगभग 7,000 आवासीय सुविधाएं हैं, जिनमें से 1,000 रिजर्व रहती हैं और बाकी आने वाले भक्तों को ठहरने के लिए दी जाती हैं। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने 1933 के बाद पहली बार नवंबर 2022 में अपनी शुद्ध संपत्ति घोषित की।

इसकी कुल संपत्ति 2.5 लाख करोड़ रुपये (लगभग 30 अरब अमरीकी डॉलर) से अधिक है। जो आईटी सर्विस कंपनी विप्रो, पेय कंपनी नेस्ले और सरकारी स्वामित्व वाली दिग्गज तेल कंपनी ओएनजीसी और आईओसी के बाजार पूंजीकरण से अधिक है। मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रस्ट लगातार समृद्ध होता जा रहा है।

पहाड़ी पर बने इस मंदिर में भक्तों से मिलने वाली नकदी और सोने का चढ़ावा लगातार बढ़ रहा है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण बैंकों में सावधि जमा से भी अधिक आय मंदिर को मिल रही है। फरवरी में पेश किए गए 2022-23 के लिए लगभग 3,100 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने बैंकों में नकद जमा से ब्याज के रूप में 668 करोड़ रुपये से अधिक की आय का अनुमान लगाया है।

इसके अलावा 1,000 करोड़ रुपये की आय अकेले नकद दान के रूप में होने की उम्मीद है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर में हर साल करीब 2।5 करोड़ भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। ये भक्त मंदिर में भारी मात्रा में नकदी और सोने का चढ़ावा चढ़ाते हैं। इस चढ़ावे के कारण तिरुपति का मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर है।

नये नियम को लागू किये जाने से आने वाले तीर्थयात्रियों की भीड़ को अधिक असरदार तरीके के जरूरी सेवाएं हासिल हो सकती हैं। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने कहा कि भक्तों को सर्व दर्शन कॉम्प्लेक्स और कॉशन डिपॉजिट रिफंड काउंटर पर टोकन लेने के लिए अधिक समय तक नहीं रोके रखने के लिए भी चेहरे की पहचान का उपयोग किया जाएगा।