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अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस बोले बातचीत आगे बढ़ी है

ईरान ने बीस साल वाला प्रस्ताव ठुकराया

  • वार्ता के केंद्र में होर्मुज का रास्ता

  • ईरान पांच साल तक के लिए राजी

  • ईरानी दल को धमकी भी दी गयी थी

एजेंसियां

दुबईः अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता में “काफी प्रगति” हुई है, लेकिन अब गेंद पूरी तरह से तेहरान के पाले में है। सोमवार को बात करते हुए वेंस ने संकेत दिया कि भविष्य की बातचीत ईरान के अगले कदम पर निर्भर करेगी।

अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह ईरान से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद करता है। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान इस रणनीतिक जलमार्ग को सुचारू नहीं करता है, तो बातचीत का स्वरूप बदल सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में हुई उच्च स्तरीय वार्ता बिना किसी अंतिम समझौते के समाप्त हो गई और अमेरिका ने सोमवार से ही ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी शुरू कर दी है।

इस्लामाबाद में हुई यह वार्ता पिछले सप्ताह हुए एक नाजुक युद्धविराम की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी। बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम और समुद्री पहुंच सुनिश्चित करना है। ज्ञात हो कि वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जिसके चलते यहाँ कोई भी व्यवधान अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामाबाद वार्ता के दौरान अमेरिका ने ईरान के सामने 20 वर्षों के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव रखा था। इसके जवाब में, ईरानी अधिकारियों ने रविवार को अधिकतम 5 वर्षों तक संवर्धन स्थगित करने का जवाबी प्रस्ताव दिया है। इसी बीच, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मोहम्मद मरंडी ने बताया कि वार्ता के बाद उनके प्रतिनिधिमंडल को सीधे तौर पर धमकियां मिली थीं। विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर विमान पर हमले की आशंका के चलते मार्ग बदला गया। प्रतिनिधिमंडल का विमान मशहद में उतरा, जहाँ से सदस्य सड़क मार्ग से तेहरान पहुँचे।