Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पंजाब सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है: मुख्यमंत्री ... हजार सालों के हमलों बाद भी संकल्प अडिगः पीएम मोदी पुरुलिया में पाला देखने लोगों की भीड़ लगी पंजाब जेलों के लिए 'परिवर्तन का वर्ष' रहा 2025: सही मायनों में 'सुधार घर' बना रही मान सरकार; ₹126 कर... डेनमार्क ने कहा गोली मारकर पूछेंगे कि कौन है गौमाता के नाम पर भी घोटाला हो गया मध्यप्रदेश में मणिपुर में हथियारों का जखीरा बरामद हुआ सांबा में ड्रोन से गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद पुलिस ने ममता की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की पंजाब सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है: मुख्यमंत्री ...

ग्रीन कार्ड धारकों को तुरंत राशन उपलब्ध कराये सरकारः नायक

रांचीः भात-भात कहकर गरीब गुरबा वर्गो की भूख से मौत ना हो इसलिए 6 माह से बंद किए गए 17 लाख ग्रीन कार्ड धारियों को अब अविलंब राशन उपलब्ध कराए सरकार नहीं तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।

उपरोक्त बातें आज झारखंडी सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने राज्य के मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर उनसे व्यक्तिगत रूप से इस बिंदु पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि भविष्य में झारखंड राज्य में गरीब गुरबा वर्ग के लोगों की भूख से मौत ना हो ।

श्री नायक ने आगे बताया कि यह दुख और आक्रोश का विषय है कि हरा कार्ड धारियों को विगत 6 माह से अगस्त 2022 से जनवरी 2023 तारीख तक राशन नहीं मिला है जो सोचनीय प्रश्न है । सरकार के खाद आपूर्ति मंत्री श्री रामेश्वर उरांव इस दिशा में आज तक कोई सकारात्मक ठोस पहल नहीं किया जाना गरीब विरोधी कार्य है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

इन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मांग किया कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में सकारात्मक ठोस पहल करें ताकि गरीब गुरबा 17 लाख हरा कार्ड धारियों को कम से कम होली पर्व के पूर्व इन्हें राशन मिल सके ।

श्री नायक ने आगे यह भी बताया कि छ:माह से बंद किए गए 17 लाख ग्रीन कार्ड धारियों को राशन नहीं उपलब्ध कराना शत प्रतिशत (भोजन का अधिकार) कानून का घोर उल्लंघन है जो बर्दाश्त के काबिल नहीं है ।

ऐसा ना हो कि पूर्व की तरह सिमडेगा वाली घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसलिए राज्य की हेमंत सरकार इस दिशा में गंभीर हो और ऐसी व्यवस्था की शुरुआत की जाए कि सभी कार्डधारियों की ही तरह हरा कार्ड धारियों को भी प्रतिमाह समय पर राशन मिल सके

इस पर गंभीरता पूर्वक काम किया जाना चाहिए और इन 17 लाख हरा कार्डधारियों को किस परिस्थिति में राशन नहीं दिया गया इसकी जांच की जानी चाहिए और दोषी अधिकारियों को चिन्हित कर सजा दिया जाए दिया जाना चाहिए ताकि ऐसे अमानवीय कार्य और (भोजन का अधिकार) कानून का भविष्य में उल्लंघन ना हो सके।