Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
HBSE 10th Result Update: री-चेकिंग ने बदली किस्मत; हरियाणा बोर्ड की नई टॉपर बनी दिपांशी जैन, हासिल क... Hisar Toll Plaza Murder: हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर सनसनी; टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद में मैनेजर की गाड... India's First Hydrogen Train: 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जींद-सो... Haryana Pension News: पेंशनधारकों के लिए चेतावनी; 30 दिनों में जन्म तिथि सत्यापित न कराई तो रुक जाएग... Ambala News: मानसून से पहले अंबाला कपड़ा मार्केट में नगर निगम का 'पीला पंजा'; अतिक्रमण हटाने का बड़ा ... राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का असर अब निकल रहा है Anti-Ragging Rules: कॉलेजों में रैगिंग पर लगाम; PG छात्रों और अभिभावकों के लिए एंटी-रैगिंग एफिडेविट ... Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव...

बहुत दिनों बाद चैन की नींद सो पायी हूः जेसिंडा आर्डन

नापियरः न्यूजीलैंड के निवर्तमान प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डन ने कहा है कि अपना फैसला लेने के बाद वह काफी दिनों बाद चैन की नींद ले पायी हैं। उन्होंने अचानक ही प्रधानमंत्री पद से हटने का एलान कर सनसनी फैला दी थी। उन्होंने फिर से दोहाराय कि अपने पद से हटने के फैसले को लेकर उन्हें कोई अफसोस नहीं है बल्कि वह बहुत राहत महसूस कर रही हैं।

यह अलग बात है कि अचानक उनके इस फैसले से उनके समर्थकों के साथ साथ आलोचक भी हैरान हुए हैं। पद से हटने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी मकसद अब अपनी बच्ची और परिवार को ज्यादा समय देना है। उन्होंने यहां अपनी लेबर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात और बैठक भी की।

उन्होंने कहा कि अपने दल के अंदर किसी व्यक्ति के समर्थन के लिए वह कोई सार्वजनिक एलान भी नहीं करेंगी क्योंकि इससे बाकी लोगों के साथ अन्याय होगा। जेसिंडा ने कहा कि करीब छह साल तक उन्होंने प्रधानमंत्री पद की कठिन जिम्मेदारी निभायी है। लेकिन हर किसी को समझना चाहिए कि राजनेता भी दरअसल इंसान ही होते हैं।

इसलिए परिवार को समय देने के लिए सक्रिय राजनीति से अलग होने का उन्होंने यह फैसला लिया है क्योंकि वह खुद महसूस करती है कि अभी उनके लिए अपने परिवार को समय देना ज्यादा जरूरी हो गयी है।

उन्होंने दूसरे राजनीतिज्ञों से भी अपील की कि वे अपने विवेक से इस बात का फैसला करें कि उन्हें कितने दिनों तक राजनीति में रहना है। दरअसल जब कोई राजनीति में रहे तो वह अपना पूरा ध्यान देश सेवा पर थे, यही आदर्श राजनीति है। वह खुद मानती है कि अब उन्होंने अपने हटने का समय तय किया क्योंकि अब परिवार ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अगले साल से उनकी बेटी स्कूल जाने लगेगी। ऐसे में बच्ची का ध्यान रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। प्रधानमंत्री रहते हुए यह काम कर पाना संभव नहीं होता। जेसिंडा ने कहा कि उम्मीद है कि पार्टी नये नेता के बारे में बेहतर फैसला लेगी। वैसे कोरोना महामारी के दौरान पूरे देश के कोरोना समस्या से निपटने के लिए जेसिंडा की पूरी दुनिया में प्रशंसा हुई थी। इस बीच समझा जा रहा है कि जेसिंडा की सरकार में क्रिस हिपकिंस नये प्रधानमंत्री बन सकते हैं। इसके लिए दो तिहाई समर्थन जरूरी है।