नाइजीरिया के क्वारा राज्य में एक साथ दोहरे हमले की खबर मिली
-
फिरौती के लिए अपहरण उद्योग चल रहा है
-
क्वारा में हाल के दिनों में अनेक घटनाएं
-
पास के जंगलों में तलाशी का काम जारी
एजेंसियां
अबूजाः नाइजीरिया की पुलिस ने सोमवार को बताया कि संदिग्ध डाकुओं ने रविवार तड़के नाइजीरिया के क्वारा राज्य में एक पुलिस स्टेशन और एक पारंपरिक शासक के महल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 10 लोगों का अपहरण कर लिया गया और महल के एक हिस्से में आग लगा दी गई। नाइजीरिया के उत्तर-मध्य क्षेत्र में स्थित क्वारा राज्य को हाल के वर्षों में सशस्त्र समूहों से जुड़े हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय स्तर पर इन्हें अक्सर डाकू (बैंडिट्स) कहा जाता है, जो जंगलों से घिरे सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय हैं और फिरौती के लिए अपहरण करने के लिए जाने जाते हैं।
अधिकारियों ने इसे एक समन्वित हमला बताया है। हमलावरों ने नाइजीरिया की उत्तर-पश्चिमी सीमा के पास बारूटेन स्थानीय सरकारी क्षेत्र के एक समुदाय, याशिकीरा में सुबह लगभग 2 बजे हमला किया। क्वारा राज्य पुलिस कमांड ने एक बयान में कहा कि जब पुलिस मंडल मुख्यालय पर हमला हुआ, तो ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने बंदूकधारियों को पीछे खदेड़ दिया।
उसी छापे के दौरान, हमलावरों ने याशिकीरा के अमीर के महल के कुछ हिस्सों में आग लगा दी और 10 निवासियों का अपहरण कर उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। पुलिस आयुक्त ओजो अदेकिमी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने पीड़ितों को बचाने और जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से पास के जंगलों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेने के लिए सेना, वन रक्षकों और स्थानीय निगरानी समूहों (विजिलेंट्स) को शामिल करते हुए एक संयुक्त अभियान शुरू किया है।
इसके अलावा, पुलिस ने राज्य में एक दूसरे हमले की भी पुष्टि की, जिसमें बंदूकधारियों ने शुक्रवार देर रात एक प्रार्थना सभा को निशाना बनाया था। पुलिस के अनुसार, सशस्त्र हमलावरों ने ओरी-ओके अजायए में रात्रि जागरण (नाइट विजिल) कर रहे श्रद्धालुओं पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य का अपहरण कर लिया गया।
इस घटना की रिपोर्ट एक स्थानीय पादरी द्वारा की गई थी, जिन्होंने बताया कि हमलावरों ने रात करीब 8:30 बजे (19:30 GMT) सभा पर धावा बोल दिया और पीड़ितों को ले जाने से पहले छिटपुट गोलीबारी की। पुलिस ने कहा कि खोज-और-बचाव अभियान चलाने तथा हमलावरों का पता लगाने के लिए एक ड्रोन यूनिट और विशेष मोबाइल फोर्स कर्मियों सहित सामरिक टीमों को तैनात किया गया है।