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कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष को धोबिया पाट

हरियाणा के सीएम का विरोध काम कर गया

कांग्रेस के प्रेस कांफ्रेंस से सरकार दबाव में

रांची में मंच से एक को मारा था थप्पड़

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मैदान में जोरदार तरीके से ताल ठोंक रहे कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के अपमानित होकर और मजबूरी में पद से हट जाना पड़ा है। उनपर खिलाड़ियों ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाये थे।

यहां जंतर मंतर पर धरना होने के बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों के एक शिष्टमंडल से बात भी की थी। बाद नहीं बनने के बीच ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर भी मैदान में उतर आये थे। उसके बाद की परिस्थितियां तेजी से बदलती चली गयी और पार्टी से मिले निर्देश की वजह से कुश्ती महासंघ के कद्दावर अध्यक्ष को हटना पड़ गया।

अब केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कहा है कि लगाये गये आरोपों की एक कमेटी जांच करेगी और यह कमेटी अगले चार सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। तब तक बाहुबलि कहे जाने वाले सांसद सिंह अपने पद पर नहीं रहेंगे।

याद दिला दें कि सांसद का आक्रामक आचरण रांची में भी नजर आया था जब उन्होंने एक पहलवान को मंच पर ही थप्पड़ जड़ दिया था। दरअसल देश की अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पहलवानों के विरोध में आने तथा कांग्रेस के प्रेस कांफ्रेस में खुले तौर पर आरोप लगाये जाने के बाद भाजपा को उत्तरप्रदेश के अलावा हरियाणा की चिंता सताने लगी थी।

महिला पहलवानों का बहुमत हरियाणा से ही आता है। इस कारण हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हम खिलाड़ियों का मनोबल नहीं टूटने देंगे।’ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही खिलाड़ियों की सभी चिंताओं को गंभीरता से लिया है और केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ को 72 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।

मनोहर लाल ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाती है, लेकिन ऐसी घटनाएं कहीं न कहीं खिलाड़ियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं, लेकिन हम उनका मनोबल नहीं टूटने देंगे। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है और हम पूरा ध्यान देंगे।

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, यह बड़े दुर्भाग्य और शर्म की बात है कि देश के गौरव हमारे खिलाड़ियों को आज सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर और चिंताजनक हैं।

सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। हुड्डा ने कहा कि ये सभी पहलवान देश के खिलाड़ी हैं, लेकिन राज्य सरकार को यह भी याद रखना चाहिए कि ज्यादातर खिलाड़ी हरियाणा के हैं। हरियाणा से कांग्रेस की एक अन्य वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सांसद एवं डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

मगर जिस तरह भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ देश के तमाम पहलवान एकजुट होकर उसके अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े हैं, वैसा पहले किसी खेल संघ में नहीं हुआ। विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता और ओलंपिक खिलाड़ी विनेश फोगाट ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पर महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण का आरोप लगाया, तो तमाम ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुके पहलवान उनके समर्थन में उतर आए।

खेल मंत्रालय ने इस मामले में संघ से बहत्तर घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा। कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सामने सफाई दी कि उन्होंने किसी खिलाड़ी का यौन शोषण नहीं किया है। उन्हें फंसाया जा रहा है।

अगर उनके खिलाफ किसी खिलाड़ी के यौन शोषण का सबूत मिल गया, तो वे खुद अपने को सजा देने को तैयार हैं। मगर वे फिलहाल अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं।

इस बीच सरकार और विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के बीच मध्यस्थता कर रहीं पहलवान बबीता फोगाट ने खेल मंत्रालय के साथ बैठक करके इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया, मगर खिलाड़ी कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के इस्तीफे पर अड़े हुए थे। राजनीतिक नुकसान का आकलन करते हुए भाजपा ने अपने ही सांसद को हटने का निर्देश दे दिया। जिस कारण प्रवल प्रतापी समझे जाने वाले ब्रजभूषण शरण सिंह इस बार धोबिया पाट से चित हो गये हैं।