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एर्देगॉन के एलान से युद्धसमाप्ति की उम्मीद बनी

अंकाराः तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यब एर्देगॉन ने रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्राध्यक्षों से बात करने का एलान किया है। इसमें साफ किया गया है कि वह रविवार को रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से बात करने वाले हैं। दोनों के बीच एक बैठक प्रस्तावित है। इसके बीच ही उन्होंने कहा है कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बैठक करने वाले हैं। वैसे उन्होंने यह नहीं कहा है कि यह बैठक किस मुद्दे पर होगी फिर भी यह उम्मीद की जा रही है कि फिर से वार्ता का दौर प्रारंभ होने से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की समाप्ति का कोई नया रास्ता खुल सकता है। एर्देगॉन काफी समय से इसके लिए प्रयासरत हैं। उनकी ही पहल पर रूस ने यूक्रेन के अनाज निर्यात की अनुमति दी है, जिसके बाद यूक्रेन का अनाज उन अफ्रीकी देशों तक पहुंचाया जा रहा है जहां अभी भोजन का भीषण संकट चल रहा है।

इसके पहले भी तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस किस्म के युद्ध से होने वाला रक्तपात गलत है। इससे कई किस्म की बड़ी परेशानियां खड़ी होती हैं। इनमें मानवीय कष्ट के अलावा आर्थिक और राजनीतिक नुकसान भी मायने रखता है। उनकी पहल पर जो अनाज निर्यात प्रारंभ हुआ था, वह यूक्रेन के लिए फायदे की बात रही है। वरना बंदरगाहों  पर कब्जा किये बैठी रूसी सेना की वजह से यूक्रेन के अनाज पड़े पड़े खराब होने लगे थे। वैसे यूक्रेन का आरोप है कि कब्जा वाले इलाकों का अधिकांश अनाज रूसी सेना अपने साथ ले गयी है।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ उनकी गत 18 नवंबर को टेलीफोन पर बात हुई थी। उसके बाद खुद उन्होंने रूस के राष्ट्रपति को फोन लगाकर उनसे बात की थी। इन पूर्व सूचनाओं के आधार पर यह माना जा रहा है कि वार्ता का नया दौर प्रारंभ हो सकता है। युद्ध का असर दोनों देशों की आर्थिक व्यवस्था पर भी पड़ा है। दूसरी तरफ यूक्रेन को हथियार देते देते नाटो के सदस्य देशों के अपने हथियार कम हो गये हैं। ऐसे में अगर वार्ता से युद्ध समाप्ति का कोई रास्ता निकलता है तो सभी पक्ष इसका स्वागत करेंगे।