Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Patna Coaching Firing Case: खान सर को मिली अग्रिम जमानत; कोचिंग सेंटर विवाद में कोर्ट का बड़ा फैसला Ram Mandir Donation Row: अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्र; ट्रस्ट के दान-चढ़ावे के विवाद पर बंद कमरे मे... Lucknow Crime News: नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; पुलिस कमिश्नर से मांगा ज... Lucknow Crime News: पुलिस भर्ती परीक्षा देने आई छात्राओं से दरिंदगी की कोशिश; एनकाउंटर में गिरफ्तार ... Sitamarhi News: सीतामढ़ी में आंधी-बारिश का कहर; झोपड़ी पर गिरा विशाल पेड़, एक ही परिवार के 5 लोगों क... Noida Crime News: लग्जरी लाइफस्टाइल का शौक बन रहा युवाओं की बर्बादी का कारण; 217 युवा अब सलाखों के प... Weather Update: दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी का कहर जारी; 11 जून से बारिश और राहत की उम्मीद परिमल नथवाणी का आना महज राजनीति नहीं मानिए क्वांटम प्रयोग में परमाणु उल्टा घूमता देखा गया स्थानीय स्तर पर झड़पों में 25 नागा महिला घायल

भारत की कंपनी मेडन फॉर्मा की कफ सिरप से गांबिया में मौत नहीं

  • डब्ल्यूएचओ ने पहले इस पर संदेह जताया

  • बच्चों की किडनी फेल से रिश्ता प्रमाणित नहीं

  • आनन फानन में बंद करा दिया गया था कारखाना

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अफ्रीकी देश गांबिया में अनेक बच्चों की मौत किस वजह से हुई, इसे वहां की सरकार स्पष्ट नहीं कर पायी है। अब पता चला है कि जिस भारतीय कंपनी के कफ सिरप को इसके लिए प्रारंभिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया था, उसके उत्पादनों में कोई खामी नहीं पायी गयी है।

गांबिया की मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी ने कहा है कि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि भारतीय कंपनी की कफ सिरप की वजह से 66 बच्चों की जान गई थी। इसके बाद मेडेन फार्मा ने भी बयान जारी किया है। मेडेन फार्मा कंपनी की तीन कफ सिरप को लेकर डब्ल्यूएचओ ने अलर्ट जारी किया था। उस वक्त यह दावा किया गया था कि गांबिया में इसी कंपनी की कफ सिरप की वजह से 66 बच्चों की मौत हो गई थी।

हालांकि अब गांबिया की मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी ने कहा है कि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि खांसी की दवाई की वजह से ही बच्चों की किडनी खराब हुई थी।

मेडेन फार्मा ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि गांबिया ने अब तक पुष्टि नहीं की है कि बच्चों की मौत की वजह क्या थी। मेडेन फार्मा ने कहा है कि वह कुछ भी घरेलू मार्केट में नहीं बेच रही है। इसके अलावा वह अपना कच्चा माल प्रमाणित और प्रतिष्ठित कंपनयों से ही खरीदती है।

कंपनी ने कहा कि सीडीएससीओ के अधिकारी प्लांट पर गए थे और उन्होंने दवाइयों के सैंपल जांच की खातिर लिए हैं। कंपनी को जांच की रिपोर्ट का इंतजार है।  डब्लूएचओ के अलर्ट के बाद हरियाणा सरकार ने भी सोनीपत बेस्ड मेडेन फार्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। राज्य में कंपनी के उत्पादन पर रोक लगा दी गई थी।

दावा किया गया था कि जांच के दौरान मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ गड़बड़ियां पाई गईं। वहीं हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि जिन तीन दवाइयों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है उनके सैंपल कोलकाता भेजे गए थे। कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

दरअसल डब्ल्यूएचओ ने मेडेन फार्मा लिमिटेड की बनाई खांसी की दवाई पर चेतावनी जारी की थी। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इन कफ सिरप में डाइथीलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल की ज्यादा मात्रा मिलाई जा रही थी। जो कि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक थी। इन दवाओं के नाम प्रोमेथाजिन ओरल सल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ सिरप और मकॉफ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कल्ड कफ सिरप थे।