चूड़ाचांदपुर लाए गए तीन कुकी स्वयंसेवकों के शव
अशांत मणिपुर में फिर भड़की हिंसा
नागा गांव में हिंसा और आगजनी
कांग्रेस ने कहा भाजपा फेल हो गयी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: मणिपुर में हालिया जातीय हिंसा मुख्य रूप से कुकी और नागा समुदायों के बीच संघर्ष के रूप में सामने आई है, जिससे विभिन्न पहाड़ी इलाकों में भारी तनाव बना हुआ है। नोनी जिले के केकरू नगा गांव में दो हथियारबंद समूहों की गोलीबारी में कुकी समुदाय के 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में पिछले कुछ हफ्तों में कई घरों को आग के हवाले किया गया और लोगों की जान गई। हिंसा को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
ताजा विवाद दो कुकी युवाओं, 21 वर्षीय थांगगिनलुन चोंगलोई और 20 वर्षीय पाओगिनलाल हैंगसिंग, के अपहरण और हत्या के बाद शुरू हुआ। 28 अक्टूबर को लापता हुए इन युवाओं के शव 1 नवंबर को सेनापति जिले में बोरियों में बंद मिले। कुकी संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने नागा उग्रवादियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो को तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि उपमुख्यमंत्री रिहाई सुनिश्चित करने में विफल रहे। डिखो ने हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए इसे हिंसा का बेतुका कृत्य बताया और शांति की अपील की, परंतु सीओटीयू ने मांगें पूरी न होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। संगठन ने मामले की जांच एनआईए से कराने और उग्रवादी कैंपों को स्थानांतरित करने की मांग की है।
उग्रवादी हमले में मारे गए कुकी स्वयंसेवकों—लेनमिनसांग किपगेन, थांगलेनसांग सिंगसन और थांगखोसी हाओकिप—के शव चुराचांदपुर पहुंचाए गए हैं, जहां उन्हें अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है। नोनी-तामेंगलोंग सीमा पर ड्यूटी के दौरान सशस्त्र कैडरों ने उन पर घात लगाकर हमला किया था।
राजनीतिक स्तर पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर घोर अक्षमता और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने मणिपुर के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर राज्य के बिगड़े हालात पर चर्चा की। खड़गे ने कहा कि भाजपा कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने में विफल रही है, जबकि जनता शांति और न्याय की हकदार है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा का कुशासन राज्य को और अस्थिर कर रहा है, जिसे जनता आगामी चुनावों में नकार देगी।