नागरिक की मौत पर कामजोंग में कड़े सुरक्षा इंतजाम
हमले में पांच बच्चों की मां की भी मौत हुई
सांसद बिमोल के इस्तीफे पऱ अड़ गयी भाजपा
मणिपुर कांग्रेस का हिरासत के खिलाफ ब्लैक डे
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटी : मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच हुई ताजा और हिंसक झड़पों में तीन लोगों की जान चली गई है, जिससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कामजोंग जिले के नागा-बहुल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चसाड गांव में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें 22 वर्षीय एक युवक और 42 वर्षीय एक महिला शामिल हैं।
कुकी समुदाय बहुल इस गांव में शुक्रवार रात लगभग आठ बजे गोलीबारी शुरू हुई और शनिवार तक जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, पांच बच्चों की मां इस महिला को गर्दन के पास गोली लगी थी, जिससे उसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने गहरी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
हिंसा की इन घटनाओं के बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत सख्त कदम उठाए गए हैं। कामजोंग जिला प्रशासन ने चसाड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और हथियार, लाठी या पत्थर ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
हालांकि, तीसरे मृतक की पहचान, उसकी मौत की सटीक परिस्थितियों और हिंसक घटनाओं में शामिल संगठनों के नाम अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। अनौपचारिक रिपोर्टों के अनुसार झड़पों के दौरान कई घरों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
इस बीच, मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं की हालिया हिरासत के विरोध में इंफाल स्थित कांग्रेस भवन में काला दिवस मनाया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने किया।
उन्होंने केंद्र और राज्य की सरकारों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का गंभीर आरोप लगाया। वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जांच तथा सुरक्षा संबंधी अगले निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।