फ्रांस में दंगों के दौरान 3,000 दुकानें लुटीं
पेरिसः फ्रांस में गहराते गंभीर आर्थिक कर्ज संकट, सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध के खिलाफ भड़का जन-आक्रोश अब हिंसक उपद्रव और लूटपाट में बदल चुका है। हिंसक प्रदर्शनकारियों ने देश भर में 3,000 से अधिक व्यवसायों, रिटेल स्टोर्स और दुकानों को अपना निशाना बनाते हुए भारी तोड़फोड़ की।
फ्रांस के वाणिज्य मंत्री सर्ज पापिन के आधिकारिक बयान के अनुसार, पेरिस के पॉश ले हालेस जिले में स्थित हर्मिस, नॉर्थ फेस और लुई वुइटन जैसे विश्व प्रसिद्ध लग्जरी ब्रांड्स के शोरूम्स में जमकर लूटपाट की गई। हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर चोरी किए गए महंगे कॉस्मेटिक्स, स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और ब्रांडेड हैंडबैग्स विंटेड जैसी सेकंड-हैंड ई-कॉमर्स साइटों पर धड़ल्ले से बिकने के लिए ट्रेंड करने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वाणिज्य मंत्री सर्ज पापिन और डिजिटल मामलों की मंत्री ऐनी ले हेनांफ ने विंटेड, लेबोनकोइन, अमेजन, ई-बे, मेटा और टिकटॉक जैसी प्रमुख टेक व ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रमुखों की एक आपातकालीन वीडियो कॉन्फ्रेंस बुलाई। सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि दंगों के दौरान चुराए गए सामान से जुड़ी सभी लिस्टिंग को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
विंटेड के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी नीति चोरी की वस्तुओं की बिक्री पर शून्य-सहनशीलता की है और वे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए फ्रांसीसी पुलिस व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फर्म पिंकेर्टन की रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा चोरी अब एक बेहद संगठित और परिष्कृत अपराध का रूप ले चुकी है, जिसके वर्ष 2026 तक 53 बिलियन डॉलर के विशाल उद्योग में बदलने का अनुमान है।
इस हिंसा और तोड़फोड़ ने फ्रांस की अर्थव्यवस्था को करारा झटका दिया है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस उपद्रव के कारण हुआ कुल बीमित नुकसान 1.2 बिलियन यूरो (लगभग 1.3 बिलियन डॉलर) तक पहुँच सकता है। दंगों से हुए भारी प्रत्यक्ष नुकसान के चलते फ्रांस की प्रमुख सुपरमार्केट श्रृंखला कैरेफोर को अपने वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित लाभ लक्ष्यों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस निराशाजनक घोषणा के आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया और कैरेफोर के शेयरों में 15 फीसद की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी को अपने बाजार पूंजीकरण में लगभग 1.9 बिलियन डॉलर का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।