भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के बीच जुबानी जंग
पांच सौ करोड़ के लेनदेन का मामला
पाटिल ने पैसा लेने से साफ इंकार किया
शिंदे ने आरोपों का साफ खंडन कर दिया
राष्ट्रीय खबर
मुंबई: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी एक ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है। इस ऑडियो क्लिप में एक अज्ञात महिला यह दावा कर रही है कि 2024 के राज्य चुनावों से ठीक पहले शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए भाजपा द्वारा भेजी गई 500 करोड़ रुपये की राशि जरांगे पाटिल को दी गई थी। हालांकि जरांगे पाटिल ने ऐसी किसी भी 500 करोड़ रुपये की रकम मांगने या मिलने से साफ इनकार किया है, जिससे श्रीकांत शिंदे जांच के घेरे में आ गए हैं।
शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने भाजपा के एक गुट पर श्रीकांत शिंदे के पिता एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। कदम ने भाजपा एमएलसी प्रवीण दारेकर और प्रसाद लाड का नाम लेते हुए लाड और जरांगे पाटिल की साथ में भोजन करते हुए तस्वीरें दिखाईं। इसके जवाब में दारेकर और लाड ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को कठघरे में खड़ा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कदम को संजय राउत बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लाड ने चेतावनी दी कि जल्द ही यह सामने आ जाएगा कि देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ पर्दे के पीछे से जरांगे पाटिल का समर्थन कौन कर रहा था।
दिल्ली में एकनाथ शिंदे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, मैंने न तो 500 करोड़ रुपये दिए हैं और न ही लिए हैं। उन्होंने कहा कि जरांगे पाटिल को दावों का पहले सत्यापन करना चाहिए था। शिंदे गुट के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्लिप की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं श्रीकांत शिंदे ने इस दावे का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे भी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर 500 करोड़ रुपये नकद कैसे दिखते हैं और उन्हें ले जाने के लिए कितनी गाड़ियों की जरूरत होगी। बाद में प्रसाद लाड ने मामले को शांत करते हुए कहा कि बातचीत के बाद यह मुद्दा सुलझ गया है और वे एकनाथ शिंदे का बड़े भाई की तरह सम्मान करते हैं।