अमेरिकी चाल में फंसे खाड़ी के देश अब विकल्प की राह पर
तेहरानः वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और कई खाड़ी देश सोमवार को ओमान में एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस सामरिक चर्चा की मेजबानी ओमान द्वारा की जा रही है। इस बैठक में ईरान, इराक, ओमान, कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और उनके ओमानी समकक्ष बद्र अल-बुसैदी सरकारी प्रतिनिधियों को इस दौरान चल रही वार्ताओं की स्थिति से अवगत कराएंगे। दोनों देश पिछले कई हफ्तों से इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को विनियमित करने के लिए एक तंत्र तैयार करने पर बातचीत कर रहे हैं। वैश्विक तेल, गैस और उर्वरक व्यापार के लिए यह जलमार्ग रीढ़ की हड्डी माना जाता है। ईरान के नेतृत्व के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष में दबाव बनाने का एक अहम जरिया बन गया है।
फरवरी के अंत में संघर्ष की शुरुआत के तुरंत बाद, ईरान ने धमकियों और जहाजों पर हमलों के जरिए इस जलडमरूमध्य से होने वाले यातायात को बड़े पैमाने पर बाधित कर दिया था। संघर्ष से पहले यह जलमार्ग नौवहन के लिए पूरी तरह खुला हुआ था, जबकि जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैन्य नाकाबंदी कर रखी है। ईरान जून में हुए एक ढांचागत समझौते के तहत अमेरिकी सरकार से रियायतें देने की मांग कर रहा है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्थिक युद्ध के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति जारी रखी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी का दौर भी जारी है। ग्रीनिपीस नामक पर्यावरण संगठन के अनुसार, इस क्षेत्र में तेल का रिसाव महज एक दिन में लगभग दोगुना हो गया है और यह प्रदूषण हाल ही में अमेरिकी हमले का शिकार हुए किसी टैंकर से फैलने की आशंका है। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर संगठन ने बताया कि 10 सितंबर को इस रणनीतिक जलमार्ग के पूर्वी हिस्से में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल का यह खतरनाक फैलाव देखा गया है।