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जून एस्टरम  आग लगने स 35 लोग मारे गये

फिलिपींस के पर्यटन स्थल के करीब फिर नौका हादसा

इस जहाज पर 134 लोग सवार थे

सुबह ग्यारह बजे तक पूरी जल गयी

आग लगने का कारणों का पता नहीं चला

मनीलाः फिलिपींस देश में समुद्री परिवहन से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और भयानक दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक लोकप्रिय और रमणीय पर्यटन स्थल की ओर यात्रा कर रही जून एस्टर नामक यात्री नौका (फेरी) में अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में भीषण आग भड़क उठी। इस भीषण अग्निकांड के परिणामस्वरूप अपनी जान गंवाने वाले मासूम नागरिकों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 तक जा पहुँची है। गत नौ सितंबर को देश की राजधानी मनीला से रवाना होकर पालावत प्रांत के विश्व प्रसिद्ध कोरोन द्वीप की तरफ बढ़ रही इस बड़ी फेरी में चालक दल के सदस्यों समेत कुल 134 लोग सवार थे, और आग की लपटें इतनी तेज गति से फैलीं कि देखते ही देखते यह पूरा जलपोत जलकर पूरी तरह तबाह हो गया।

फिलिपींस तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी कमोडोर नोएमी कयाब्याब द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को स्थानीय समयानुसार लगभग 6:45 बजे जब यह दुर्घटना शुरू हुई, तो आग ने विकराल रूप ले लिया जिस पर लगातार दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे जाकर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

जैसे ही दमकल और बचाव दलों ने जली हुई नौका के भीतर प्रवेश किया, तो उन्होंने फेरी के इकोनॉमी क्लास क्षेत्र से 30 और जले हुए शव बरामद किए, जिससे इस आपदा में मारे गए कुल लोगों की संख्या कम से कम 35 तक पहुंच गई। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक कुल 43 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली है, परंतु एक 29 वर्षीय गर्भवती महिला समेत लगभग 54 यात्री अभी भी लापता बने हुए हैं, जिनकी तलाश में गोताखोर लगातार अभियान चला रहे हैं।

इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने कई हंसते-खेलते परिवारों को जीवनभर का गहरा सदमा और कभी न भरने वाला दर्द दे दिया है। हादसे में चमत्कारिक रूप से जीवित बचे 60 वर्षीय बेंजामिन इंडिक नामक एक बुजुर्ग यात्री ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वे इस फेरी पर अपनी दिवंगत पत्नी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक निवास कोरोन ले जा रहे थे, और उन्हें गहरा अंदेशा है कि इस प्रलयकारी आग में उनकी पत्नी का ताबूत भी जलकर राख हो गया है।

इसके अतिरिक्त, इस त्रासदी ने उनके परिवार को तब पूरी तरह तोड़ दिया जब उनकी 29 वर्षीय गर्भवती बेटी जोआना इंडिक इस दुर्घटना के बाद से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई, जबकि उनके दामाद डोमिंगो सुनेर जूनियर अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में जिंदगी और मौत के बीच गंभीर हालत में संघर्ष कर रहे हैं। तटरक्षक बल के शीर्ष अधिकारियों ने इस अत्यंत दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी पूरी संवेदनाएं हैं, तथा लापता यात्रियों की तलाश और इस वीभत्स अग्निकांड के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय तकनीकी जांच तेजी से जारी है।