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अपहृत महिलाओं और बच्चो को रिहा किया गया

एक समुदाय विशेष पर किया था अपराधियों ने हमला

पोर्ट ओ प्रिंसः हाइती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के पास एक समुदाय पर भीषण हमला कर 50 से अधिक लोगों का अपहरण करने वाले एक हिंसक गिरोह ने छह बच्चों और सात महिलाओं को रिहा कर दिया है। यूनिसेफ के अनुसार, रिहा किए गए लोगों में दो साल से कम उम्र के तीन बच्चे, एक सात साल का बच्चा और दो किशोरियां शामिल हैं।

यूनिसेफ के उप प्रतिनिधि यानिक डुसार्ट ने इस रिहाई को राहत की उम्मीद बताते हुए कहा कि केंसकॉफ में हुआ यह सामूहिक अपहरण कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि देश भर में बच्चों पर हो रहे लगातार हमलों की भयावह स्थिति को दर्शाता है। यूनिसेफ ने स्थानीय समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर इनकी सुरक्षित रिहाई में भूमिका निभाई।

हाइती में व्यक्तिगत अपहरण आम हैं, लेकिन सामूहिक अपहरण की घटनाएं कम ही देखने को मिलती हैं। पोर्ट-ओ-प्रिंस के ऊपर पहाड़ियों में बसे शांत कृषि क्षेत्र केंसकॉफ पर रविवार देर रात हुए इस हमले में गिरोह ने कम से कम 47 लोगों की हत्या कर दी थी। यह हमला इजो 2 नामक गिरोह के नेता द्वारा संचालित किया गया था, जिसने पुलिस कार्रवाई की स्थिति में सभी बंधकों को मारने की धमकी दी थी। वह हाइती के सबसे शक्तिशाली गिरोह नेताओं में से एक, इजो के समन्वय में काम करता है।

इस बर्बर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें अमेरिका, पनामा और कोलंबिया सहित कई देशों ने इस हिंसा पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया। यूएन के विशेष दूत लुइस रुइज़ मासियू ने बताया कि इस घटना ने हाइती समाज और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के बीच जन आक्रोश की एक नई लहर पैदा कर दी है। इसके जवाब में हाइती अधिकारियों ने राष्ट्रीय पुलिस, सशस्त्र बलों और गिरोह विरोधी बल को एक साथ लाकर सुरक्षा अभियानों को मजबूत करने का फैसला किया है।

अमेरिकी उप राजदूत जेनिफर लोसेटा ने स्पष्ट किया कि अमेरिका हाइती में गिरोह के आतंक को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यूएन सदस्यों से तुरंत संसाधन और उपकरण प्रदान करने की अपील की ताकि चुनाव और लोकतंत्र को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे इन आपराधिक गिरोहों को रोका जा सके। मानवीय मामलों के कार्यवाहक सहायक महासचिव इंद्रिका रतवाते ने परिषद को बताया कि इस हमले के कारण 2,600 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है।