सूचना पाकर खुद मुख्यमंत्री ने किया स्थल निरीक्षण
अल्टीमेटम के बाद हथियारों पर नकेल
कांगपोकपी हिंसा में आठ लोग मारे गये
मीरा पैबी कार्यकर्ताओं की विशाल रैली
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: इम्फाल पश्चिम जिले के कोंथौजम में भाजपा विधायक और राज्य सरकार के प्रवक्ता सपम रंजन सिंह के आवास के पिछले हिस्से में एक जोरदार बम विस्फोट हुआ। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। मुख्यमंत्री यमनाम खेमचंद सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया, वहीं स्थानीय महिलाओं ने विधायक के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर हमलों पर रोक की मांग की। सुरक्षा बल मामले की जांच में जुटे हैं।
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दूसरी ओर, कांगपोकपी जिले के इंफाल-तामेंगलोंग (आईटी) मार्ग पर 27 अगस्त को हुए सशस्त्र हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने मकुई अशांग और थानाम्बा के बीच यात्रा कर रहे निर्दोष नागा नागरिकों को निशाना बनाया। मणिपुर के उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नागा नेता लोसी डिखो ने इसे एक बर्बर और बेमतलब की त्रासदी करार देते हुए कहा कि आम नागरिकों पर हमला किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही, अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इसके अलावा, मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को अद्यतन करने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। उत्तरी इम्फाल मीरा और क्लब समन्वय समिति के बैनर तले सैकड़ों मीरा पैबी महिला कार्यकर्ताओं ने इम्फाल के कोइरेंगेई से लुवांगसंगबाम तक एक विशाल मशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एनआरसी को अपडेट किया जाना चाहिए और तब तक जनगणना को स्थगित रखा जाए। न्याय और निष्पक्ष परिसीमन अभियान के आह्वान पर राज्य भर में जिला स्तर पर ऐसे प्रदर्शन किए जा रहे हैं।