अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर दुनिया को भरोसा नहीं
कई किस्म के बारूदी सुरंग हैं वहां
सिर्फ तैरने वाले विस्फोटक नहीं है
पानी के अंदर डूबे हुए माइंस भी हैं
वाशिंगटनः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने के दावे के बावजूद यह जलमार्ग जहाजों के लिए बेहद खतरनाक बना हुआ है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि अमरीकी नौसेना ने जलमार्ग को साफ कर दिया है और नई माइन्स बिछाने वाले किसी भी ईरानी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने इन दावों को केवल बाजारों को शांत करने की कोशिश बताते हुए खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि इन सुरंगों का सही स्थान केवल ईरान को पता है।
ईरान और ओमान ने जहाजों की आवाजाही के लिए एक अस्थायी मार्ग बनाने तथा माइन्स हटाने के लिए संयुक्त परियोजना पर सहमति व्यक्त की है। युद्ध से पहले इस जलमार्ग से रोजाना लगभग 130 जहाज गुजरते थे, जो दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और गैस का परिवहन करते थे। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही मुख्य लेन साफ कर दी गई हों, लेकिन बहती हुई या अज्ञात माइन्स का खतरा अभी भी बरकरार है। इसके अलावा, युद्धविराम न होने और अमरीका द्वारा ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा से स्थिति और नाजुक हो गई है।
इस अनिश्चितता का भारी आर्थिक असर पड़ा है। एसएंडपी ग्लोबल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों का युद्ध-जोखिम बीमा शुल्क जहाज के मूल्य के 1-3फीसद से बढ़कर 7.5-10 फीसद तक पहुंच गया है। उच्च बीमा दरों के कारण अधिकांश शिपिंग कंपनियां सेवाएं फिर से शुरू करने से कतरा रही हैं।
फॉरेन पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, समुद्री माइन्स बेहद कम लागत में भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि किसी लेन में एक भी माइन होने का संदेह हो, तो पूरा समुद्री यातायात ठप हो जाता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि ईरान के पास 2,000 से 6,000 माइन्स का भंडार है। संस्थान के विशेषज्ञ स्कॉट सेवित्ज़ के अनुसार, ईरान के पास पारंपरिक सतह वाली माइन्स के साथ-साथ परिष्कृत बॉटम माइन्स भी हैं, जो समुद्र की तलहटी में बैठी रहती हैं और जहाज की चुंबकीय या ध्वन्यात्मक आहट पाकर विस्फोट करती हैं।